मंत्रसामर्थ्य!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्रसामर्थ्य: Power of mystical words or verses. मंत्र की शक्ति “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्रसामर्थ्य: Power of mystical words or verses. मंत्र की शक्ति “
उपगूहन Protection, An act of safeguarding of other’s faults and increasing self virtues. सम्यग्दर्शन के 8 अंगों में 5 वाँ अंग अपनी आत्मा के गुणों को बढ़ाना व दूसरों के दोषों को ढ़कना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयार्ध – Vijayaardha.: Name of a great mountain (in Jain philosophy). भरत और ऐरावत क्षेत्र के मध्य स्थित एक पर्वत,चक्रवर्ती के विजय-क्षेत्र की आधी सीमा इसी पर्वत से निर्धारित होती है,इसीलिए इसे विजयार्ध कहते है “इस पर विद्याधरों का निवास है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगिनी: Name of a chief Aryika (Ganini) in the Samavasharan (assembly) of Lord Naminath. नमिनाथ भगवान के समव शरण की मुख्य आर्यिका का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धपर्यायार्थिक नय – Shuddhaparyaayaarthika Naya. A standpoint accepting the present form or mode of a substance. सूक्ष्म ऋजुसूत्र नय शुद्धि पर्यायार्थिक नय है, यह अर्थपर्याय को ग्रहण करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदगृहित्व क्रिया – Sadgrhitva Kriyaa. A type of auspicious activity, performing religious observances for spirituality. कत्र्रन्वयादि 7 क्रियाओ मे एक क्रिया। सज्जातिपरम स्थान को प्राप्त करने के पश्चात् सद्गृहस्थ रुप द्वितीय परम स्थान की प्राप्ति हेतु गृहस्थ का देव पूजा आदि छः कर्मों का करना, सत्य, शैच, शांति, दम आदि गुणांे से युक्त होना…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रिया ऋद्धिधारी – Vikriyaa Riddhidhaarii.: Saints possessing a supernatural power of transforming body form. विक्रिया ऋद्धि वाले मुनि या इस ऋद्धि वाले मुनियों का संघ जो तीर्थंकर की धर्मसभा में होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकल्प- Vikalpa.: Alternativ, option, uncertainity, ambiguity, doubt. पदार्थ का प्रतिभास या योग के परिवर्तन को विकल्प कहते है; मैं सुखी हूं या दुखी हूं इस प्रकार अन्तरंग में हर्ष विवाद रूप भाव “
घनमातृक धारा A mathematical sequence. १४ धाराओं में एक ;एक को आदि लेकर केवलज्ञान के आसन्न धनमूल पर्यन्त स्थान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]