विभुत्व शक्ति!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभुत्व शक्ति – Vibhutva Sakti. The supreme thought which is pervaded every where. सर्व भावों में व्यापक ऐसी एक भाव रूप शक्ति ” जैसे – ज्ञानरूपी एक भाव सर्व भावों में व्याप्त होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभुत्व शक्ति – Vibhutva Sakti. The supreme thought which is pervaded every where. सर्व भावों में व्यापक ऐसी एक भाव रूप शक्ति ” जैसे – ज्ञानरूपी एक भाव सर्व भावों में व्याप्त होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुक:A city situated in the north of vijayardha mountain, name of a deity of kundal mountain.विजयार्ध की उतर श्रेणी का एक नगर, कुण्डल पर्वत स्थित माहेन्द्र कूट का स्वामी नागेन्द्र देव।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगशाली – Bhujangashali. A type of peripatetic deities. महोरग जातिय व्यंतर देवों का एक भेद “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयशुध्दि – Vinayashuddhi. Reverential purity. कीर्ति, आदर आदि लौकिक फलों की इच्छा छोडकर साधर्मी जन, गुरुजन, इत्यादिकोण का विनय करना विनय शुद्धि है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्पराश्रयत्व:Mutual dependence.एक दूसरे के आश्रित होकर रहना ।
त्रिनेत्र A name of Lord Arihant among 1008 names. भगवान के 1008 नामों में एक नाम । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर निर्मलता – Shareera Nirmalataa. An excellence of the birth of Jaina-Lord (purity of the body). जिनेन्द्रभगवान के शरीर की अतिशयी निर्मलता-भगवान अरहंत के जन्म के 10 अतिशयों में एक अतिशय “
आनंदा Name of a female divinity of Anjan Summit of Ruchakvar mountain, A Vapi (like large lake) of Samavsharan. रूचकवर पर्वत के अंजन कूट की देवी का नाम, समवशरण के अशोक वन में स्थित छः वापियों में एक वापी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]