पांडुकेय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकेय:A king of vidyadhara dynasty.विद्याधर वंश का एक राजा।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकेय:A king of vidyadhara dynasty.विद्याधर वंश का एक राजा।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभंगा – Vibhamga. A particular classification of 12 rivers in the east & west videh Kshetras (regions). पूर्व व अपर विदेहों में स्थित १२ नदियां “
द्वितीयगुण Second stage of virtues. भाग जघन्य गुण में अविभाग प्रतिच्छेद की वृद्धि होने पर गुण की द्धितीयादि अवस्था विशेषों को द्वितीय गुण आदि संज्ञा होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वादशी व्रत Twelve Jaina vows for twelve years. 12 वर्ष तक प्रति वर्ष भाद्रपद शु. 12 को उपवास करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आलोक Light, Whole world, Vision. प्रकाश, लोकपर्यंत, आलोक का दर्शन भी है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैयावृर्त्ति –Vaiyavrtti Pious service to the saints. साधूसुश्रूषा, सेवा, उपचार, गुरु के अनुकूल परवर्ती करना “
त्रिपर्व A type of knowledge of medicines. एक औषधी विद्या। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर प्रणाम जीव – Sharera Sranaama Jeeva. Occupancy of soul-points according to the shape of the body. जीव का संकोच विस्तार स्वभाव होने के कारण कर्म के निमित्त से मिले छोटे-बड़े शरीर की अवगाहना का होकर रहना अर्थात् स्वदेहप्रमाण होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर व्यपदेश:A kind of infraction of the vow of hospitality indirect donation.अतिथि संविभाग व्रत का एक अतिचार, दाता पात्र को स्वयं दान न देकर दूसरे से कहकर चला जावे ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर वात्सल्य:Affection for others.वात्सल्य का एक भेद, दूसरों के प्रति प्रेम, करूणा का भाव रखना ।