उच्चार प्रस्रवण समिति!
उच्चार प्रस्रवण समिति Excreting at purified place (with lacking of beings). निर्जंतुक स्थान पर मलमूत्र विसर्जन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उच्चार प्रस्रवण समिति Excreting at purified place (with lacking of beings). निर्जंतुक स्थान पर मलमूत्र विसर्जन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मीना–Miina. Name of the chief Aryika (Ganini) in the assembly of Lord Suparshvnath. तीर्थंकर ससुपार्श्वनाथके समवशरण में विघमान 3 लाख तीस हजार आर्यिकाओ में मुख्य आर्यिका (गणिनी)”
आवली उच्छिष्ट Small fragment of time unit. उच्छिष्टावली सत्व के घटते हुए जो आवली मात्र स्थिति अवशिष्ट रह जाती है उसका नाम उच्छिष्टावली है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुमिशुध्दि – Bhumishudhi. Act of purification of Lord of Land with religious obser- vances. पूजा – विधान – मंत्र आदि से भूमि शुद्ध करना “
एकसंग्रह Acceptance of a devotee. प्रतिचारक मुनियों की स्वीकृति पूर्वक एक आराधक का ग्रहण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकस्थानीय A type of Karmic fruitional bondage. अनुभाग बन्ध का एक नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति घाति – Prakrti Ghati. A type of karmic nature causing destruction of internal virtues. कर्म प्रक्रति का एक भेद; जो अनुजीवी गुणों का घात करती हैं वह घाति कर्म प्रक्रतियां हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेणुमुल –Venumula. Root of bamboo tree. बांस की जड़ ” अनंतनुबंधी माया कषाय का दृष्टांत “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्त जीवराशि –Mukta Jeevrashi. An infinite number of salvated beings. अनंतानंत, द्रव्य गणना कीअपेक्षा जिसकी सहनानी ‘3’ है”