समानता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समानता – Samaanataa. Similarity, Parity. एकरुपता। ऋजुसूत्र नय की दृष्टि मे कोई के समान नही है, क्योंकि देा को सर्वथा समान मान लेने पर, उन दोनो मे एकत्व की आपत्ति प्राप्त होती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समानता – Samaanataa. Similarity, Parity. एकरुपता। ऋजुसूत्र नय की दृष्टि मे कोई के समान नही है, क्योंकि देा को सर्वथा समान मान लेने पर, उन दोनो मे एकत्व की आपत्ति प्राप्त होती है।
त्वष्टा Name of a presiding deity of Chitra lunar. चित्रा नक्षत्र के अधिपति देवता का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घ्नत A process of multiplication, Killed-one. गुणित, अभ्यस्त , घ्नत, हत सब एकार्थवाची हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तव -Stava. Hymning or praising (of 24 Tirthankaras, Jaina-Lords).24 तीर्थकरो के गुणो का कीर्तन करना स्तव कहलाता है। इसे स्तवन या स्तुति भी कहते है।
त्रुटरेणु An area unit. क्षेत्र का प्रमाण विशेष, आठ संज्ञा- संज्ञाओं (सन्नासन्न) का एक त्रुटरेणु। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चालन A divine medicine. एक दिव्या औषधि ; इससे बंधे हुए कोटाकोटी स्थिति बंध वाले कर्मा चालिसिय कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समवायांग – Samavaayaanga. The 4th part in all 12 parts of Shrut (early canons). द्वादषंग श्रुत का चैथा अंगः इसमे द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव की अपेक्षा समानता का कथन है अर्थात् जिसमे पदार्थों की समानता के आघार पर समवाय का विचार किया गया है वह समवायांग है। इसमें एक लाख 64 हजार पद है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रात्रियोग – साधुओं का एक कृति कर्म। सायंकालीन प्रतिक्रमण के पष्चात योग भक्तिपूर्वक जैन साधु रात्रियोग धारण करते है।प्रात कालीन सामायिक से पूर्व योग भक्तिपूर्वक ही उसका निश्ठापान करते हैं। Ratriyoga-Meditation activities to be observed by saints during night hours (an austerity)
चलप्रदेश Some of the space points of soul . जीव के ८ मध्यप्रदेशों को छोड़कर बाक़ी के प्रदेश ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चक्षु इन्द्रिय Visual sense organ, sense of sight, ocular sense. आँखें, जिसके द्वारा संसारी जीव पदार्थों को देखता है उसे चक्षु इन्द्रिय कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]