नीलोद्यान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलोद्यान – Neelodyaana. Name of the initiation forest of Lord Munisuvratnath. मुनिसुव्रतनाथ भगवान के दीक्षा वन का नाम ” अपरनाम नीलवन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलोद्यान – Neelodyaana. Name of the initiation forest of Lord Munisuvratnath. मुनिसुव्रतनाथ भगवान के दीक्षा वन का नाम ” अपरनाम नीलवन “
तपाराधना Reverential prayer with austerity. 4 आराधना में एक तप का सेवन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यति–Yati. Saints at the stage of higher austerity. जो इन्द्रिय जय के द्वारा अपने शुद्धात्म स्वरुप में प्रयत्नशील होता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीतिक्रिया – Neetikriyaa. Judicial activity. न्याय; जिसके द्वारा निश्चय किता जाए “
तपनीय The 19th Patal (layer) and Indrak of Saudharm heaven, A summit of Manushottar mountain. सौधर्म स्वर्ग का 19 वां पटल व इन्द्रक , मानुषोत्तर पर्वत पर स्थित एक कूट। [[श्रेणी: शब्दकोष ]] या That which can be mortified; Reddish lustre like heated gold. जिसे तपाया जा सके, तपाये गये सोने के समान लाल ।…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य वर्गंणा – Bahya Vargana. A type of aggregates of Karmic molecules. तेईस वर्गणाऔ में से पाँच शरीर प्रथग्भूत हैं इसलिए इन्हें बाह्य वर्गणा कहते हैं “
तदुभय ज्ञानाचार Reading hymns, lessons etc. with proper pronu-ciation and understanding. अर्थ को ठीक ठीक समझाते हुए शुद्ध पाठ आदि पढना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनप्राण – Vachanprana.: Power of speech. जीव के 10 प्राणों में से एक प्राण; जीव की वचन व्यापर में कारणभूत योग्यता या शक्ति “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वक्रता : == सो सद्दो तं धवलत्तणं च रयणायरम्मि उप्पत्ती। संखस्स हिययकुडिलत्तणेण सव्वं पि पब्भट्ठं।। —गाहारयणकोष : ११३ वही शब्द (ध्वनि), वही शुभ्र ताप और रत्नाकर में उत्पत्ति। यह सब कुछ होते हुए भी शंख अपने हृदय की वक्रता के कारण सर्वत्र भ्रष्ट होता है। व्यक्ति घर, धन,…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वक्रांत – Vakraanta: Name of a dwelling place of a hellish earth (Ratnaprabha). रत्नप्रभा पृथ्वी के 11वें प्रस्तर का इन्द्रक बिल “