सप्तभंगी तरंगिणी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तभंगी तरंगिणी – Saptabhamgii Taramginii. Name of a treatise written by Vimaldas on Nyaya philosophy. विमलदास (श्रावक) (ई.श. 14-15) कृत संस्कृत भाषा का न्याय विषयक ग्रंथ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तभंगी तरंगिणी – Saptabhamgii Taramginii. Name of a treatise written by Vimaldas on Nyaya philosophy. विमलदास (श्रावक) (ई.श. 14-15) कृत संस्कृत भाषा का न्याय विषयक ग्रंथ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धोदन – Shuddhodana. The father of Mahatma Buddha. महात्मा बुद्ध के पिता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सपर्या – Sparyaa. Ritual activity. योग, यज्ञ, पूजा, सपर्या, इज्जा, क्रतु, अध्वर, मख, मह यह सब पूजा के पर्यायवाची नाम है।
गुणोत्तरश्रेणी Geometrical progression. एक गणितीय श्रेणी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोलाचार्य Name of an Acharya. नंदिसंघ देशीयगण के एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदिर: Temple, Name of a city in the north of Vijayardh mountain, Name of a chief disciple of Lord Vasupujya, Name of a summit situated at Ruchak mountain. जिनालय, विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, वासु पूज्य भगवान के मुख्य गणधर का नाम, रुचक पर्वत पर स्थित एक कूट का नाम “
उपवन भूमि The 4th land of Samavasharana (garden like) . समवशरण की चैाथी भूमि जहाँ चारों दिशाओं में अशोक सप्तच्छद चंपक और आम्र के वृक्षों के वन होते हैं जिनमें से प्रत्येक के मध्य में चैत्य वृक्ष पर भगवान की प्रतिमा विराजमान रहती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वितत – Vitata.: Expanded or extented tone (of musical instrument etc.). एक प्रकार का प्रायोगिक शब्द,सितार आदि के शब्द को वितत कहते हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्र: Mystic verses or texts. जो गुप्त रूप से बोले जाते हैं उन्हें मंत्र कहते हैं ” ‘मत्री’ धातु से गुप्त भाषण के अर्थ में मंत्र शब्द बना हैं जो एक अक्षर से लेकर अनेकों अक्षरों तक होते हैं, जैसे – ‘ॐ’ , अर्हं , असिआउसा आदि “
उपबृंहक See – Upagýhana . आत्मगुणों को बढ़ाने वाला देखें-उपगूहन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]