चारित्राराधना!
चारित्राराधना A type of observance of right conduct. ४ आराधनाओं में एक भेद ; सम्यक् चारित्र को यथायोग्य रीति से दृढ़तापूर्वक धारण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारित्राराधना A type of observance of right conduct. ४ आराधनाओं में एक भेद ; सम्यक् चारित्र को यथायोग्य रीति से दृढ़तापूर्वक धारण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यग्दृष्टि – Samyagdrishti. One with right perception or faith. जो जीव सम्यग्दर्षन सहित हो।
आराधना सार समुच्चय A book written by ‘Acharya Ravichandra’. आचार्य रविचन्द्र (ई.श.12-13) द्वारा रचित एक चतुर्विध आराधना विषयक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छन्दोबिंदु A prosody written by Nagvarm. नामवर्ग (ई. सन् ९९०) द्वारा रचित एक छंदशास्त्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिभुवनचूडामणि Two Siddhayatana summits of Bhadrashal forest. भद्रशाल वन में स्थित दो सिद्धायतन कूट। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैलघन श्रोता – Shailaghana Shrotaa. A type of unwise or imprudent listener. 14 प्रकार के श्रोताओं में एक भेद; जिनके परिणाम हमेशा कठोर रहते हैं तथा जिनके ह्रदय में समझाये जाने पर भी जिनवाणी रो जल का प्रवेश नहीं होता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पंर्धक – Spardhaka. Group of aggregates of karmic molecules.वर्गणाओ के समूह को स्पंर्धक कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शेषवत अनुमान – Sheshvata Anumaan. Right anticipation of something by only partial observation of it . एक अवयव को देखने पर भी शेष अनेक अवयवों सहित सम्पूर्ण वास्तु का ज्ञान होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिर हृदय – Sthira Hydaya. Stable mind, name of a deity resident of ank summit of western kundalgiri.चित्त को निश्चल रखना अर्थात् आत्मस्थिरता या समता भाव, सामायिक।