ऊष्माहार!
ऊष्माहार See – Ýrjåhåra. देखें ऊर्जाहार ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणातिपातिकी क्रिया- जीवों की इन्द्रिय आदि प्राणों का या एक दो आदि प्राणों का घात करना प्राणतिपातिकी क्रिया है। PranapatikiKriya- damaging any of the senses or vitalities of beings
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद:Designation or title. A part of scriptural Knowledge (Shrutgyan). उपाधि अथवा पदवी, श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 5 वां भेद, इनके अर्थ पद, प्रमाण पद और मध्ष्यम पद तीन भेद ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यतिरेक – Vyatireka. Distinction, Reaching beyond, a type separateness. भेद, अंतर, वैषम्य या असमानता “
जघन्य धर्मध्यान Religious observances of lowest kind. उत्तम, माध्यम , जघन्य में धर्मध्यान का तीसरा भेद . यह चौथे -पांचवे गुणस्थान में घटित होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रागभाव- पूर्व पर्याय में वर्तमान पर्याय का जो अभाव है उसे प्रागभाव कहते है। जैसे- आटे मे रोटी का अभाव। Pragabhava- Prior non-existence of something
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्णट्टी : A counting of numbers i.e. (256)2 =65536. एक संख्या (256)2 = 65536.
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेद (शास्त्र) – Veda (Sastra) Four expositions of Jaina scriptures & the four great mythological sacred scriptures of Hindus. जैनधर्म के चार अनुयोगों (प्रेथामानुयोग, करणानुयोग, चरणानुयोग, द्रव्यनुयोग) को वेद संज्ञा दी गई है ” हिन्दुऊ में भी चार वेदों ॠग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद की मान्यता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलाधानहेतु- शक्ति सम्पन्न कारण; सुख-दुख की उत्पत्ति में कर्म बलाधान हेतु है। Baladhanahetu- Karmas causes bliss & pain
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पक्षपात : Partiality, Favouritism. भेदभाव करना, एकांत, तरफदारी करना ।