प्रक्षिप्त!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रक्षिप्त – Praksita. Thrown, flung. फेंका हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिर नामकर्म प्रकृति – Sthira Naamakarma Prakrti. Physique making karmic nature causing physical stability & strength while fasting or observing any austerity.जिस कर्म के उदय से उपवास आदि तपक रने पर शरीर मे वात, पित्त व कफ की स्थिरता बनी रहती है और शरीर कमजोर या अशक्त नही होता है उसे स्थिर नामकर्म प्रकृति…
उपविष्टोत्थित A type of meditative relaxation (with spiritual thinking) . कायोत्सर्ग का एक भेद – बैठे हुए आर्त्त-रौद्र ध्यानों का चिन्तवन करना। अपरनाम उपविष्ट निविष्ट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवर्त – Vivarta. Movement, Cyclone, Wandering. भंवर, चारों ओर घूमना, परिवर्तन ” परिणाम या परिणमन को विवर्त कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति धात – Sthiti Ghaata. Destruction of karmic time duration.अवकर्षण। आयु को छोड़कर शेष कर्मों का अनुभाग के बिना भी स्थितिधात होता है और आयु को छोड़कर शेष कर्मों का स्थितिधात के बिना भी अनुभागधात होता है।
उपभोगपरिभोग Consumption, Enjoyment . वस्त्र आभूषण आदि बराबर भोगने वाली वस्तु को उपभोग एंव खान-पान आदि एक बार भोगने वाली वस्तु को परिभोग(भोग) कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चौरासी लाख योनि 84 lacs state of birth cycle of beings, ९ प्रकार गुण योनि के विशेष भेद ; पृथिवी ,जल ,अग्नि , वायुकाय , नित्य-इतर निगोद में प्रत्येक की ७-७ लाख योनि , प्रत्येक वनस्पति की १० लाख , दो इन्द्रिय से चतुरिन्द्रिय तक प्रत्येक की २-२ लाख , पंचेंद्रिय तिर्यंच – देव -नारकी…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थापना पूजा – Sthaapanaa puujaa. Consecrational workshop.वीतराग प्रतिमा मे अर्हन्त आदि की स्थापना करके जो पूजा की जाती है वह स्थापना पूजा है।
चर्मज Something made of the skins of dear, elephant, lion etc. मृग, गज , व्याघ्र , चीता आदि के चर्म से बहना वस्त्र आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]