धर्मसूरि!
धर्मसूरि A disciple of Acharya Mahendrasuri. आचार्य महेन्द्रसूरि के शिष्य (ई. 1209) एवं जम्बूस्वामी सरना के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मसूरि A disciple of Acharya Mahendrasuri. आचार्य महेन्द्रसूरि के शिष्य (ई. 1209) एवं जम्बूस्वामी सरना के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विहायोगति (नामकर्म) –Vihayogati (Namakarma). A type of karmic nature causing spatial move-ment. नामकर्म की एक प्रकृति, जिसके उदय से जीव का आकाश में शुभ व अशुभ गमन हो “
धर्ममूढ़ता Religious ignorance, silliness. लोकमूढ़ता ; धर्मलाभ मानकर नदी-समुद्र आदि में स्नान करना,बालु, पत्थर आदि का ढेर लगाना, पर्वत से गिरना, अग्नि में जलना आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भंग विचय – Bhamga Vicaya. A type of disquisition door. एक अनुयोगद्वार; जो मार्गणाओं के विच्छेद और विच्छेद के अस्तित्त्व प्ररुपक है “
धर्मंधर Name of the writer of ‘Nagkumar Charit’ and ‘Shreepal Charit’. नागकुमार चरित्र तथा श्रीपाल चरित्र के रचयिता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दण्डकारणिक An administrator who can punish, A magistrate. दण्ड देने वाला अधिकारी । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धि ऋद्धि – Buddhi Riddhi Supernatural power of intellect. एक प्रकार की ऋद्धि जिसके १८ भेद हैं “
धर्म Religion, Daily observances of religious rites. ‘‘उत्तमे सुखे धरतीति धर्म’’ अर्थात् जो प्राणियों को उत्तम सुख में पहुँचा दें, उपासना करना, सत्कर्म। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]