उद्धारदेव!
उद्धारदेव Name of the 10th Tirthankar (Jaina-Lord) of past time. भूतकालीन चैबीसी के आठवें तीर्थंकर (उद्धारनाथ)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उद्धारदेव Name of the 10th Tirthankar (Jaina-Lord) of past time. भूतकालीन चैबीसी के आठवें तीर्थंकर (उद्धारनाथ)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गणितपरिकर्म A kind of Drishtivad Anga containing mathemati-cal contents. १२वें द्रिस्तीवाद अंग का एक भेद, जिसमें गणित के कारण सूत्रों का वर्णन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोबल – Manobala. A type of super natural related to having complete knowledge of whole Shrut in Antarmuhurta, Mental strength. ॠद्धि ; श्रुतज्ञानावरण और वीर्यान्तराय प्रकृतियों के उत्कृष्ट क्षयोपशम होने पर अन्तमुहूर्त काल में संपूर्ण श्रुत को जानना , 10 प्राणों में एक ; जीव की सोचने विचारने रूप शक्ति की अभिव्यक्ति…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस़ऋद्धि – एक ऋद्धि, यह उग्र तपस्या से प्राप्त होती है। Rasa Rddhi- A type of super natural power
गंग Name of an Acharya possessing knowledge of 10 purvas and 11 angas. दस पूर्व और ग्यारह अंगधारी मुनियों में दसवें मुनि अपर्नाम गंगदेव था, हस्तिनापुर के राजा गंगदेव का पुत्र । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभंग ज्ञानी – Vibhamga Jnani. One having false perception or knowledge. कुअवाधिज्ञान, मिथ्याद्रष्टि “
खुरपा A weeding or scraping instrument. घास छीलने का एक औजार,जो संज्वलन कषाय माया की शक्ति का उदाहरण है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृच्छना – Prcchana. Questioning. स्वाध्याय के ५ भेदों में एक भेद; किसी विषय में संशय होने पर उसे दूर करने हेतु प्रशन पूछना “
खेचरनी Another name of female Vidyadhars. विद्याधर स्त्रियाँ । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नि – क्षेत्र का प्रमाण विषेश। एक हाथ का परिमाण 2 वितस्ति=1 हाथ। इसका मूल नाम अरत्नि है। Ratni- A measurement unit of area