पंचवर्ण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचवर्ण – Panchavarna. Name of a planet, five kinds of colours. एक ग्रह का नाम, पांच रंग-लाल, हरा, नीला, पीला, काला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचवर्ण – Panchavarna. Name of a planet, five kinds of colours. एक ग्रह का नाम, पांच रंग-लाल, हरा, नीला, पीला, काला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव – स्वभाव – Vibhava – Svabhava. Nature contrary to the real nature. कर्मबंध के प्रकरण में रागादि परिणाम भी अशुद्ध निश्चयनय से जीव के स्वभाव कहे जाते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदक सम्यक्त्व –VedakaSamyaktva Destructive subsidential right belief क्षयोपशम सम्यग्दर्शन ” दर्शन मोहनीय कर्म की सम्यक्त्व प्रकृति के उदय से जो तत्वाथ श्रध्दान होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचभाव – Panchabhaava. Five kinds of emotions (attitudes caused by different Karmicoperations) related to Jaina philosophy. जीव के पाँच निज तत्व; औपशमिक, क्षायिक, क्षायोपशमिक (मिश्र), औदयिक, पारिरणामिक भाव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्त्ररहित – Vastrarahita.: Unclothed, Nacked,Natural form of one. अचेलकत्व; वस्त्ररहित होना यह दिगम्बर जैन साधुओं के 28 मूलगुणों में से एक मूलगुण हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचनमस्कार मंत्र – Panchanamaskaara Mantra. See – Namokara mantra. देखें – णमोकार मंत्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुधा – Vasudhaa.: The earth. पृथिवी “वसु अर्थात द्रव्यों को धारण करने वाली पृथिवी वसुधा कहलाती है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == गति : == नीचैर्वृत्तिरधर्मेण धर्मेणोच्चै: स्थितिं भजेत्। तस्मादुच्चै: पदंं वांछन् नरो धर्मपरो भवेत्।। —आदिपुराण : १०-११९ अधर्म से मनुष्य की अधोगति होती है और धर्म से ऊध्र्वगति (ऊँची गति)। अत: जीवन में ऊध्र्वगति चाहने वाले को धर्म का आचरण करना चाहिए।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्लाभिका – Vallabhikaa.: Beloved female divinities of Indras causing love. इन्द्रों को प्रीति उत्पन्न करने वाली ,अपनी विक्रिया ,प्रभाव ,रूप , स्पर्श से उन्हें रमाने वाली देवियां “
उपायविचय Doing meritorious works . धर्मध्यान का एक भेद-कुमार्ग में पडे़ हुए जीवों के बारे में विचार करना कि ये मिथ्यात्व से कैसे छूटे। अपरनाम अपायविचय।[[श्रेणी:शब्दकोष]]