वृष्यरससेवा!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृष्यरससेवा –VrsyarasaSevaa. Taking nutritious spicy food causing excitement. अब्रम्ह के १० भेदों में एक भेद ; पौष्टिक आहार का ग्रहण करना, जिससे बल ओ वीर्य की वृद्धि हो
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृष्यरससेवा –VrsyarasaSevaa. Taking nutritious spicy food causing excitement. अब्रम्ह के १० भेदों में एक भेद ; पौष्टिक आहार का ग्रहण करना, जिससे बल ओ वीर्य की वृद्धि हो
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोवर्गणा – Manovargana. See – Manodravyavarganaa. देखें – मनोद्रव्यवर्गणा “
उत्पाद पूर्व First early canon of Jaina, a type of scriptural knowledge (Shrutgyan). श्रुत ज्ञान के 14 पूर्वों में से प्रथम पूर्व जीव पुद्गल आदि का जहाँ जब जैसा उत्पाद होता है उस सबका वर्णन जिसमें हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मार्दव : == कुलरूवजादिबुद्धिसु, तवसुदसीलेसु गारवं किंचि। जो णवि कुव्वदि समणो, मद्दवधम्मं हवे तस्स।। —समणसुत्त : ८८ कुल, रूप, जाति, बुद्धि, तप, श्रुत और शील का जो श्रमण थोड़ा—सा भी गर्व नहीं करता, वह मार्दव धर्म से संपन्न हुआ करता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहुबलिसागर – Bahubalisagara. Name of a saint, the disciple of Acharya Shri Deshbhusha Maharaj. आचार्यश्री देशभूषण महाराज के एक प्रसिध्द शिष्य (ई.श.२०-२१ ) ” इनकी प्रेरणा से हरियाणा प्रांत में सिध्दांत तीर्थ का निमार्ण हुआ है “
एकफालक Single piece clothed, Loin clothed ascetics. एक कोपीन धारण करने वाले ऐलक एंव एक साड़ी धारण करने वाली आर्यिका।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकालापक A type of entertainment, one answer for two questions. मनोरंजन का एक प्रकार, दो प्रशनों का एक ही उत्तर मांगना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावशुध्दि – Bhavasuddhi. Mental purity, passionlessness. राग, द्वेष, अहंकार, आर्त व रौद्र ध्यान आदि समस्त अशुभ परिणाम से रहित होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रक्रम – Prakrama. Sequence, A type of Karmic matter, a type of Anuyogdvar. क्रमबध्द, कार्माण पुद्ग्ल प्रचय को प्रक्रम कहते हैं, अग्रायणीयपूर्व की कर्मप्रक्रति वस्तु का ८ वां अनुयोग्द्वार “