देशव्रती!
देशव्रती One observing the rules and regulation of a householder. देशसंयमी – श्रावक व्रतों को पालने वाला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देशव्रती One observing the rules and regulation of a householder. देशसंयमी – श्रावक व्रतों को पालने वाला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
फलत्याग Abandonment of some particular fruits for some particular time. समस्त अथवा कुछ फलों का नियत समसय के लिए त्याग करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रद्धानाश्रद्धान – Shraddhaanaashraddhaana. Right belief and disbelief (caused due to the fruition of Samyagmithyatva Karma). सम्यग्मिथ्यात्व कर्म के उदय होने पर मिश्र गुणस्थान में पाए जाने वाले मिश्र परिणाम “
तैजस संघात नामकर्म Karmic nature causing luminous body. जिसके उदय से तैजस वर्गणाएं परस्पर छेद रहित एकमेक हो जाएं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शोधन – Shodhana. The act of cleansing or purifying. संशोधन, शुद्ध करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशमाभास- प्रषम भाव का झूठा अहंकार करने वाले मिथ्यादृशिट के सम्यक्त्व का सदभाव न होने से प्रषमाभास होता है। Prasamabhasa- False pride of spiritual calmness
तेजस्वी Lustrous bodied beings, A king of Ikshvaku dynasty, A chief disciple of Lord Adinath. शारीरिक एंव आत्मिक प्रभा से युक्त जीव, इक्ष्वाकुवंश का एक राजा, आदिनाथ भगवान का एक गणधर। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवर्तक (साधु)- जो ज्ञान से अल्प है परन्तु सर्व संघ की मर्यादा योग्य आचरण का जिसको ज्ञान है उसको प्रवर्तक साधु कहते है। Pravartaka ( Sadhu )- A type of Digamber Jain saints
झांझ A cymbal, to be kept near the idol of Lord Jinendra, Passion, Anger, Wickedness. जिनेन्द्र देव की प्रतिमाओं के समीप विद्यमान रहने वाले अष्ट 108 मंगल द्रव्यों में ण्क चित्त का बुरा आवेग, क्रोध, दुष्टता । [[श्रेणी:शब्दकोष]]