एकजीव-एक अजीव कर्म!
एकजीव-एक अजीव कर्म Karma related to soul and non soul matters. जीव के उपयोग स्वरूप – द्वेषादिक जीव कर्म, कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकजीव-एक अजीव कर्म Karma related to soul and non soul matters. जीव के उपयोग स्वरूप – द्वेषादिक जीव कर्म, कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूप्यकूला – जम्बूद्वीप व हैरण्यवत क्षेत्र में प्रवाहित एक महानदी। यह रूक्मि पर्वत के महापुएिडरिक दह से निकलती है। Rupyakula-Name of a great river which flows in Hairanyavat region of jambudvip (island)
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमावगाढरूचि दर्शनार्थ :A type of Aryas-noble persons.अनृद्वि प्राप्त आर्य का एक भेद । परमावधि या केवलज्ञान दर्षन से प्रकाशित जीवादि पदार्थ विषयक प्रकाश से जिनकी आत्मा विषुद्व है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोचक शैल – भद्रषाल वन में स्थित एक दिग्गजेन्द्र पर्वत। Rocaka saila-name of a mountain in Bhadrashal forest
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधन – Saadhana. Means, resource. कार्य आदि के सम्पादन मं नित्तिभूत क्रिया, हेतु, उपाय आदि साधन कहलाते है। मरण समय आहार व मन वचन काय के व्यापार का त्याग करके आत्म शुद्धि करना साधन है।
ऋषि Name of the first Tirthankara (Jaina-Lord) Rishabhadev. ब्रह्मर्षि देवर्षि परमर्षि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यज्ञ– Yagya. A sacred ritual activity, sacrificial rite or fire. विशेष विधी सहित की जाने वाली एक धार्मिक क्रिया; देव और ऋषियों की पूजा करना” हवन, पूजा, सपर्या, इज्या, अध्वर, मह आदि इसके अपरनाम है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साता – Saataa. Pleasure, bliss, merriment. सुख अर्थात् साता रुप आत्मा का परिणाम।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजशेखर – कर्पूर मंजरी नामक गं्रथ के रचियता एक कवि। Rajasekhara-name of apoet
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागार – Saagaara. Householders, lay followers. गृहस्थ। गृह मे रहने वाले गृहस्थधर्म पालक। अर्थात् सकल परिग्रह सहित धर मे रहने वाले सागार कहलाते हेै।