देवभद्र!
देवभद्र A Bhattarak; disciple of Pandit Ashadharji. पं. आशाधर जी (ई. 1173- 1243) के शिष्य एक भट्टारक ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवभद्र A Bhattarak; disciple of Pandit Ashadharji. पं. आशाधर जी (ई. 1173- 1243) के शिष्य एक भट्टारक ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वत्सा –Vatsaa: Name of a country of Videh Kshetra (region). जम्बू द्वीप के विदेह क्षेत्र में सीता नदी और निषध पर्वत के मध्य स्थित 8 देशों में प्रथम देश “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोआगम द्रव्य भाव – Noaagama Dravya bhaaava. A type of Bhav Nikshep. भाव निक्षेप का एक भेद “
दुर्जन A villain, scoundrel, Cruel. दुष्ट, दुराचारी व्यक्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाति – Bhiti. Fear, A super power possessed by Ravana, creating fear to enemy. भय, रावण को प्राप्त एक विधा ” इस विधा से शत्रु पक्ष में भय उत्पन्न किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैमित्तिक दुःख – Naimittika Dukha . Distress arising due to external causes. बाह्य निमित्तों से उत्पन्न दुख “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रनंदि – Vajranandi Name of a disciple of Gunnandi of Nandi group and a disciple of Acharya Pujyyapad who established Dravid group. नंदिसंघ बलात्कारगण के अनुसार गुणनंदि के शिष्य तथा कुमारनंदि के गुरु ” समय –ई . 442 – 464 ,आचार्य पूज्यपाद के शिष्य ” गुरु से बिगड़कर द्रविड़संघ की स्थापना की ” कृतियां…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिनाथपुराण – Neminaathapuraana. A book written by brahmchari Nemidatta. ब्र. नेमिदत्त (ई. 1528) कृत एक संस्कृत ग्रंथ “
दिव्यभूमि The assembly land of Lord Arihant. स्वाभाविक भूमि से एक हाथ ऊंची समवसरण की भूमि , इसके एक हाथ ऊपर कल्पभूमि होती है। हरिवंशपुराण के आधार से यह व्यवस्था मानी है तथा तिलोयपण्णत्ति में एक हाथ ऊपर से एक- एक हाथ ऊंची बीस हजार सीढि़यां मानी है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीतल वायु – Sheetala Vaayu. One of the 14 divinely excellences of lord arihant- gentel breeze (wind). अरहंत के देवकृत 14 अतिशयों में एक अतिशय; वायु कुमार देव द्वारा शीतल पवन चलाना “