दैव!
दैव Accumulation of results of good and bad deeds of past life. भाग्य- प्राणी ने पूर्व भव में जिस पाप या पुण्य कर्म का संचय किया है वह दैव कहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दैव Accumulation of results of good and bad deeds of past life. भाग्य- प्राणी ने पूर्व भव में जिस पाप या पुण्य कर्म का संचय किया है वह दैव कहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादरायण- एक अज्ञानवादी थे। ई.-400 में ये वेदान्त के सर्व प्रधान ब्रह्मसूत्रों के कर्ता हुए है। Badarayana- A follower of the philosophy of ignorance
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर निगोद- एकेन्द्रिय निगोदिया जीव जिनका शरीर किसी आधार से हो। Badara Nigoda- A type of nigod-beings (one sensed)
उत्सर्गपद्धति A supreme dedicational system (of omniscient etc.) for getting salvation.मोक्षमार्ग की वह पद्धति जिसमें वज्रवृषभनाराच प्रथम संहनन से ही ध्यान अथवा मोक्ष होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्मान : == तम्हा सव्वे वि णया, मिच्छादिट्ठी सपक्ख—पडिबद्धा। अण्णोण्णणिस्सिया उण, हवंति सम्मत्तसब्भावा।। ——सन्मति तर्क प्रकरण : १-२१ अपने—अपने पक्ष में ही प्रतिबद्ध परस्पर निरपेक्ष सभी नय (मत) मिथ्या हैं, असम्यक् हैं, परन्तु ये ही नय जब परस्पर सापेक्ष होते हैं तब सत्य एवं सम्यक् बन जाते हैं।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्या व्यभिचार – Sankhyaa Vyabhichaara. Wrong interpretation of numbers. एकवचन की जगह द्विवचन आदि का कथन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रस्तार- प्रमाद के भंग निकालने की 5 विधियों में एक विधी; संख्या निकालने के क्रम को प्रस्तार कहते है। Prastara- Something related to mathematical calculation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रश्न – पदार्थ को जानने की इच्छा होना। Prasna- Question, Desire to know something