गिरिपात!
गिरिपात Falling from a precipice (steep mountain etc.) पर्वत से गिरना, लोकमूढता;धर्मं लाभ मानकर पर्वत से गिरना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गिरिपात Falling from a precipice (steep mountain etc.) पर्वत से गिरना, लोकमूढता;धर्मं लाभ मानकर पर्वत से गिरना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == नम्रता : == किंदि रिंता वि नमंति मग्गणत्थं धरंति जे जोयं। ताण धणूण व पुरिसाण कह णु मा होउ टंकारो।। —गाहारयण कोष : १२९ करोड़ों का धन देकर भी जो नम्र है और जो याचकों के लिए ही जीवन धारण करता है, ऐसा धनुष और पुरुष क्यों नहीं…
गुणाधिक Super virtuous personalities (reg.right knowl- edge etc.). जो सम्यग्यानादि गुणों में बढे चढ़े हैं वे गुणाधिक हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वविद् – Poorvavid. One ominiscient, having scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुतकेवली “
दीक्षा Initiation, Consecration for a religious ceremony, an act of undertaking religious observances. वैराग्य की उत्तम भूमिका को प्राप्त होकर अपने सब सगे संबधियों से क्षमा मांगकर गुरू की शरण में जाकर संपूर्ण परिग्रह का त्याग कर देना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शन पंडित One having destructional-cum-subsidential right perception. क्षायिक , क्षायोपशमिक और औपशमिक सम्यग्दर्शन से जीव दर्शन पंडित होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व तालका – Poorva taalakaa. Place of getting omniscience by Lord Rishbhdev. See – Purimtaala. ऋषभदेव भगवान के केवलस्थान का नाम ” देखें – पुरिमताल “
दिव्यपाद Name of 23rd predestined Tirthankar (Jaina-Lord). जम्बूद्वीप भरतक्षेत्र में स्थित 23 वें भाविकालीन तीर्थंकर का नाम (हरिवंशपुराण के आधार पर ) दूसरे ग्रंथों में इनका नाम देवपाल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
खेद Pain, sorrow, Affliction. अनिष्ट की प्राप्ति होना, दुख ,शोक, अवसाद । [[श्रेणी:शब्दकोष]]