भय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भय – Bhaya. Fear, terror. भीती, डर – यह ७ प्रकार का होता है इहलोक, परलोक, अरक्षा, अगुप्ति, मरण, वेदना, आकसिम्क “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भय – Bhaya. Fear, terror. भीती, डर – यह ७ प्रकार का होता है इहलोक, परलोक, अरक्षा, अगुप्ति, मरण, वेदना, आकसिम्क “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बिजबुद्धि ऋद्धि – Bija Buddhi Rddhi. A type of supernatural power pertaining to know – ing the whole Dvadashang by a single Bijapad. ऋद्धि ; जिसके प्रभाव से साधु एक ही बिजपद के आश्रय से सम्पूर्ण द्वादशांग को जानने और विचार करने में समर्थ होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिथिलाचारी – Shithilachaaree. One inactive in observing proper conduct. अपने योग्य आचरण में शिथिल श्रावक या साधु “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषध देव – Nishadha Deva. Protecting deity of a summit of Nishadh mountain. निषध पर्वत के निषध कूट का रक्षक देव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मवत्: Name of an area of Videh Kshetra (region), Name of summit and deity of Vasshargiri. विदेह स्थित एक क्षेत्र एवं वक्षारगिरि का कूट व देव का नाम।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव संग्रह – Bhava Samgraha. A book written by Acharya Devasen. आचार्य देवसेन (वि. १००५) द्वारा रचित एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय स्तवन – Nishchaya Stavana. See – Nishchaya Bhakti. देखें – निश्चय भक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मप्रभनाथ: Namme of the 6th Tirthankar (Jaina-Lord). वर्तमान छठे तीर्थकर का नाम । आप महाराजा धरणराज एवं महारानी सुसीमा के पुत्र थें आपका जन्म कार्तिक कृ0 13 एवं मोक्ष फाल्गुन कृ0 4 को हुआ । आपका वर्ण क्षत्रिय, वंश- इक्ष्वाकु, देहवर्ण-पùरागमणि सदुश, चिन्ह-लाल कमल एवं आयु-तीस लाख पूर्व वर्ष थी । आपकी जन्मभूमि कोशाम्बी…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भास्कर – Bhaskara. Rediant, shining, The Sun, Name of a literary person. दैदीप्यवान, प्रकाशवान, सूर्य , एक मीमांसा दर्शन के साहित्य प्रवर्तक जिन्होंने जैमिनी सूत्र पर अर्थसंग्रह नामक टीका लिखी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शासन दिवस – Shaasana Divasa. ‘Veer shasan jayanti’, celebration of first sermon day of Lord Mahavir. वीर शासन जयंती अर्थात श्रावण कृष्ण प्रतिप्रदा का दिन, जब विपुलाचल पर्वत (राजगृही) पर केवलज्ञान होने के 66 दिन बाद प्रथम बार भगवान महावर की दिव्य ध्वनी खिरी थी “