जगत्श्रेणी!
जगत्श्रेणी Length of universe, unit of 7 Rajus. ७ राजू प्रमाण लोकपंक्ति, एक प्रदेश चौड़े और ७ राजू लम्बे आकाश प्रदेशों की पंक्ति को जगत्श्रेणी कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगत्श्रेणी Length of universe, unit of 7 Rajus. ७ राजू प्रमाण लोकपंक्ति, एक प्रदेश चौड़े और ७ राजू लम्बे आकाश प्रदेशों की पंक्ति को जगत्श्रेणी कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] अनिष्टसंयोगज-विष,कांटा,शत्रु आदि अप्रिय वस्तु का संयोग होने पर उससे पीछा छुड़ाने के लिये बार-बार विचार अनिष्टसंयोगज आर्त्तध्यान है”
तत्वत्रयप्रकाशिका A commentary book in Sanskrit written by Bhattarak Shrutsagar. भट्टारक श्रुतसागर (ई. 1487.1499) कृत एक संस्कृत टीका (ज्ञानावर्णव ग्रंथ के गद्य भाग पर)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
आलाप पद्धति A book written by ‘Acharya Devasen’. आचार्य देवसेन (वि.990-1012) द्वारा संस्कृत गद्य में रचित प्रमाण नय विषयक सूत्र ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वार्थ – Sarvaartha. The great grand father of Lord Mahavira, One of the 14 earth under Chitra earth. भगवान महावीर के बाबा , चित्रा पृथिवी के नीचे चौदह अन्य पृथिवीयों में 12 वी पृथिवी ।
छर्दि Vomiting, an obstacle of saint-food. साधु संबंधी अन्तराय का एक भेद ; वसन हो जाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
टीका Commentary, Explanation, Exposition. व्याक्ष्या, विशद व्याख्यान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वरत्न – Sarvaratna. Name of sumits situated at Manushottar and Ruchak mountain. मानुषोत्तर व रूचक पर्वत पर स्थित एक-एक कूट ।
च्यवन कल्प Avoiding infractions in right perception, knowledge and conduct. दर्शन ज्ञान चारित्र के अतिचारों का टालना च्यवन कल्प कहा जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]