पंचमावगमेश!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमावगमेश – Panchamaavagamesha. Omniscient one. पंचमज्ञान, केवलज्ञान के स्वामी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमावगमेश – Panchamaavagamesha. Omniscient one. पंचमज्ञान, केवलज्ञान के स्वामी “
द्रविड़ाचार्य Name of an Acharya promotor of Vedant literature. वेदांत साहित्य के प्रवर्तक एक आचार्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उपेक्षा Indifference, Negligence, Overlooking . रागद्वेष रूप परिणामों का नहीं होना वैराग्य संबंध न रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दोष- दषर्शन Viewing defects of one. अवगुणों और गलतियों को देखना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुमित्र – Vasumitra.: Name of the 36th chief disciple of Lord Rishabhdev,Name of the chieftain of Shak dynasty. तीर्थंकर ऋषभदेव के 36वें गणधर “मगध देश की राज्य वंशावली अनुसार यह शक जाति का सरदार था ,अपरनाम बलमित्र अग्रिमित्र का समकालीन था ,समय –वी. नि. 285-345 “
उभयोदयबंधी प्रकृति Numerous space points in bilateral extremes . जो कर्म प्रकृति अपना उदय होने अथवा न होने पर भी बंधती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहुबली (कवि) – Bahubali (Kavi). A Kannad poet, the writer of ‘NagkumarCharitra’. नागकुमार चरित्र के रचियता एक कन्नड़ कवि (ई. सून १५००) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसंत – Vasanta. : Another name of Sumeru mountain. सुमेरुपर्वत का अपरनाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्षलक्ष – Varshalaksha.: A time period of 1 lac years. काल का प्रमाण; वर्षशतसहस्त्र (एक लाख वर्ष ) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनय तप – Vinaya Tapa. To Pay reverence to spiritual personalities with full purity. आभ्यंतर तप के ६ भेदों में एक भेद; मन, वचन और काव्य की शुध्दिपूर्वक दर्शन, ज्ञान, चारित्र, तप और वीर्य तथा इनके धारी योगियों के प्रति विनय करना ” विनय ४ प्रकार का है – दर्शन, ज्ञान, चारित्र…