पिसनहारी मढिया!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिसनहारी मढिया – Pisanahari Marhiya. A Jain temple at Jabalpur city (M.P.). जबलपुर नगर (म.प्र.) का एक जैन मंदिर, जिसे एक महिला ने आटा पीस-पीसकर उपार्जित धन से बनवाया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिसनहारी मढिया – Pisanahari Marhiya. A Jain temple at Jabalpur city (M.P.). जबलपुर नगर (म.प्र.) का एक जैन मंदिर, जिसे एक महिला ने आटा पीस-पीसकर उपार्जित धन से बनवाया था “
द्रव्य पूजा Physical worship (with 8 reverential materials). पंच परमेष्ठी के सम्मुख भक्ति भाव से जल, चंदन, अक्षत, पुष्य , नैवेद्य, दीप, , धूप व फल रूप श्रेष्ठ अष्ट द्रव्य समर्पित करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म साम्पराय चारित्र – Sukshma Saamparaaya Chaaritra. Conduct with minute passions (Sukshma Saamparaaya reg. purity of soul). दसवें गुणस्थान में होने वाला चारित्र इस चारित्र में कषाय अति सूक्ष्म हो जाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पितृकायिक – Pitrkayika. A type of deities. आकाशोपपन्न देवों के १२ भेदों में एक भेद “
द्रव्य नय Physical standpoint. जो दृष्टि या अपेक्षा ‘द्रव्य सामान्य’ को ग्रहण करे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म ऋजुसूत्र नय – Suksama Rijusutra Naya. A standpoint related to the minute acceptance of something. ऋजुसूत्र नय के दो भेदों में एक भेद । जो नय एक समयवर्ती सूक्ष्म अर्थ प्रर्याय (अवस्थायी पर्याय) को ग्रहण करें ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्यानंद (आचार्य) – Vidyannada (Acharya). 1) Name of a great Acharya, the writer of great treatises (Ashtasahasri etc.). 2) Name of a saint, the disciple of Acharya Shri Deshbhushan Maharaj . 1) अष्टसहस्त्री, आप्त परीक्षा, श्लोकवार्तिक, प्रमाण मीमांसा आदि अनेक ग्रन्थों के कर्ता एक आचार्य ” समय – ई. स. ७७५ –…
द्रव्य आरोप To characterise a matter into anothers. एक द्रव्य में दूसरे को आरोपित या उपलक्षित करना, जैसे दर्पण में प्रतिबिम्ब को देखकर ‘यह दर्पण की पर्याय है’ ऐसा कहना ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुषमा काल – Sushamaa Kaala. Pleasant period of woridily cycle ( the 2nd of Avasarpini Kal & the 5th of Utsarpini Kal According to Jaina Philosoph) अवसर्पिणी के द्वितीय काल और उत्सर्पिणी के पंचम काल का नाम । इसमें मध्यम भाग भूमि रहती हैं एवं इसका समय 3 कोड़ाकोड़ी सागर का है। इस काल…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पावागिरि (तीर्थ) – Pavagiri (Tirtha). Name of a Jain place of pilgrimage near Una (dist. Khargon, M.P.). It is the salvation- place of Svarnabhadra etc. 4 Munis (saints). मध्यप्रदेश के जिला खरगौन में ऊन नामक स्थान से दो फलांग दूर स्थित एक सिध्दक्षेत्र. यहाँ से स्वर्णभद्र आदि चार मुनि निर्वाण को प्राप्त हुए हैं….