सुमतिदेव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमतिदेव – Sumatideva. Name of the great Acharya, the writer of ‘Sanmati Tarak Tika’. मूलसंघ में कुन्दकुन्द आचार्य परम्परा के एक आचार्य सन्मति तर्क टीका ग्रन्थ के रचयिता । समय – ई0 श0 7-8 ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमतिदेव – Sumatideva. Name of the great Acharya, the writer of ‘Sanmati Tarak Tika’. मूलसंघ में कुन्दकुन्द आचार्य परम्परा के एक आचार्य सन्मति तर्क टीका ग्रन्थ के रचयिता । समय – ई0 श0 7-8 ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारमार्थिक सुख – Parmarthika Sukha. Supreme enjoyment, spiritual bliss, परम, सर्वोत्कृष्ट एवं यथार्थ आत्मिक सुख “
उपविष्टोपविष्ट A type of meditative relaxation (with thoughts of pain, trouble & cruelty etc.). कायोत्सर्ग का एक भेद बैठे हुए आर्त्त रौद्र ध्यानों का चिन्तवन करना। अपरनाम उपविष्ट निविष्ट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मील–Miil. Mile; A measurement unit of area. क्षेत्र का एक प्रमाण विशेष”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापास्त्रव – Papasrava. Influx of sinful Karmas. देखें- पाप आस्त्रव “
उपरितन कृष्टि A type of krishti (gradual destruction of passions). चरम द्विचरम आदि कृष्टियों को उपरितन कृष्टि कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाप – Papa. Sinful activities, Moral guilt, Demerit. आत्मा को मलिन करने वाली अशुभ क्रिया; इसके ५ भेद है- हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह”
उपपादयोग स्थान The place of soul before incarnation . योगों का स्थान अर्थात् आत्मा के प्रदेशों का सकंप जो नवीन शरीर धारण करने के पहले समय में होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदान :Offering food etc. to worthy persons (ascetics etc).तपस्वी आदि सुपात्रो को आहारदि दान देना।