मृदंगाकार!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृदंगाकार–Mradngaakar. Truncated biconical shape, Drum–shaped. मृदंग के आकार का; ऊध्व्रलोक का आकार मृदंग जे समान है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृदंगाकार–Mradngaakar. Truncated biconical shape, Drum–shaped. मृदंग के आकार का; ऊध्व्रलोक का आकार मृदंग जे समान है”
इंद्रिय रोध Sensual control. इन्द्रिय संयम इन्द्रियों को अपने आधीन रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्तवचन Scriptural texts, preachings of the omniscient Lord. आगम जिन्होंने जन्म जरादि अठारह दोषों का नाश कर दिया है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इन्द्रसुखोदय क्रिया An auspicious and sacred act (to empower deities with super power reg. heavenly space vehicles by Indra). 36 वीं गर्भान्वय क्रियाः इस क्रिया से इन्द्रपद को प्राप्त जीव देवों को अपने अपने विमानों की ऋद्धि प्रदान करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्तता Spiritual stage of Lord-Arihant. घातिया कर्मों के नाश से उत्पन्न अर्हंत अवस्था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यशस्तिलकचंद्रिका–Yashastilakchandrika. Name of a commentary book. सोमदेवकृत यशस्तिलक चम्पू की श्रुतसागर (ई. 1480–1499) कृत एक संस्कृत टीका”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग स्तोत्र –VitaragaStotra. Name of a Sanskrit spiritual hymn. एक आध्यात्मिक संस्क्रत स्तोत्र ” शिवं शुध्द बुध्दं …………. चिदानंद रूपं णमो वितरागं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीपुर पार्श्वनाथस्तोत्र – Shreepura Parshvanaathastotra. An eulogical religious hymn of Lord Parshvanath. संस्कृत भाषाबद्ध अंतरिक्ष पार्श्वनाथ स्तोत्र विषयक रचना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोगाधिकरण – Sanyogaadhikarana. A type of Ajivadhikaran-non-living substratum related to mixing of substances. अजीवाधिकरण का एक भेद ” इसके भी उपकरण संयोग और भक्तपान संयोग दो भेद हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंतरदेव –Vyaintaradeva. Peripatetic deities ( Bhoot, Pishach etc.). किन्नर, किम्पुरुष, महोरग, गंधर्व, यक्ष, राक्षस, भुत और पिशाच ये ८ प्रकार के व्यंतर देव कहलाते हैं ” ये वैकिर्यिक शरीर के धारी होते हैं एवं इनके असंख्य भवनों में जिनमंदिर होते हैं “