त्रसघात!
त्रसघात Destruction of micro beings. त्रस जीवों का घात होना, जो मांस , शहद आदि पदार्थों के सेवन से होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रसघात Destruction of micro beings. त्रस जीवों का घात होना, जो मांस , शहद आदि पदार्थों के सेवन से होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पचुड – Puspacura. A city in northern Vijayardh mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर “
त्याग Renunciation (related to all passions). छोडना, विरक्त होना, सारे पर द्रव्यों के मोह को छोडकर संसार देह और भोगों से उदासीनता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुलाक – Pulaka. Saints not following the prescribed procedure completely. निर्ग्रन्थ साधु का एक भेद; जिनके मूलगुणों में कदाचित् दोष लग जाते हैं एवं उत्तरगुणों की भावना से रहित होते हैं तथापि ये भावलिंगी मुनि होते हैं “
तृण स्पर्श Affliction in the grassy resting with troublesome materials. 22 परीषहों में एक परीषह , सूखे तिनके, कंकर , पत्थर आदि की वेदना को समतापूर्वक सहन कराना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरिमताल – Purimatala. Name of the place where Lord Rishabhnath got omniscience. एक नगर; ॠषभनाथ भगवान के केवलज्ञान प्राप्ति स्थान का नाम. वर्तमान में यह प्रयाग (इलाहाबाद) में माना जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरंदर – Puramdara. A title for Indra, celestial or heavenly deity. इन्द्र का पर्यायवाची नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावश्रुत – Bhavasruta. Acquisition of scriptural knowledge by listening of Dvadshang. द्वादशांग (जिनवाणी) के सुनने से जो स्वसंवेदन रूप ज्ञान होता है वह भावश्रुत है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञापन – Pragyapana. Injuction, Presentation. प्ररुपणा, निरुपणा, प्रज्ञापना ये एकार्थवाची हैं “