द्वेषोदय!
द्वेषोदय Fruition of Karmas related to anger, malice etc. क्रोधादि द्वेष प्रकृतियों का उदय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वेषोदय Fruition of Karmas related to anger, malice etc. क्रोधादि द्वेष प्रकृतियों का उदय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
झूठ- मर्मच्छेदी पुरूषवचन, उद्वेगकारी कटुवचन, वैरोत्पादक, भयोत्पादक, तथा अवज्ञाकारी वचन इस प्रकार के वचन अप्रिय हैं तथा हास्य भीति लोभ क्रोध द्वेष इत्यादि कारणों से बोले जाने वाले वचन सब झेठ (असत्य) हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्विरद An elephant; The first of the 16 dreams which was seen by the mother of Tirthankar (Jaina-Lord) at the time of Garbhakalyanak. हाथी तीर्थंकर की माता द्वारा गर्भावस्था में देखें गये 16 स्वप्नों में प्रथम स्वप्न।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यलोक- Manushya Loka. Human universe. देखें – मनुष्य क्षेत्र “
एलेय A king of Hari dynasty. हरिवंश के राजा दक्ष का पुत्र, अंत में दीक्षा धारण की।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उभयबंधी प्रकृति A type of Karmic nature having bilateral bindings. जिस प्रकृति का बंध सान्तर-निरन्तर अथवा सप्रतिपक्षी और निष्प्रतिपक्षी होता है उसे उभयबन्धी प्रकृति कहते हैं। जैसे देवगति आदि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेयउपादेयबुद्वि – Heyaupaadeyabuddhi. Mentality of acceptance & non-acceptance of matters in a Samyagdrishti. सम्यग्दृष्टि द्वारा तत्वों मे हेय (छोड़न)े और उपादेय (ग्रहण करने योग्य) रुप मान्यता या रुचि।