मृत्तिकाभक्षण दंड!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृत्तिकाभक्षण दंड–Mrattikabhakshan Dand. A type of punishment to cause the wrong doer to eat soil. दंड व्यवस्था का एक भेद; अपराधी को दंड स्वरुप मिट्टी का भक्षण कराया जाना”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृत्तिकाभक्षण दंड–Mrattikabhakshan Dand. A type of punishment to cause the wrong doer to eat soil. दंड व्यवस्था का एक भेद; अपराधी को दंड स्वरुप मिट्टी का भक्षण कराया जाना”
उभय Two dimensional, Having two sides, Both . द्विविमीय जिसकी दो विमायें हों दोनों प्रकार का।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदविभागी: A kind of Criticism, A kind of good conduct of saint. आलोचना का एक भेद, क्षेपक क्षरा आचाय्र्र के आगे क्रम से दोषो की आलोचना करना, साधुओं के क्षरा की जाने वाली समाचारी विधि का एक भेद, समस्त दिन एवं रात की परिपाटी में मुनियों क्षरा नियामें का निरन्तर आचरण करना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तुविद्या – Vastuvidyaa.: Name of a treatise written y Acharya Vasunandi. आचार्य वसुनंदि कृत एक ग्रन्थ “समय –ई .श.11 “
उष्मगर्भकूट Less eating of diet, Small fasting . मानुषोत्तर पर्वत का एक कूट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पतिव्रत: Loyalty of fidelity to a husband-a characteristic of India calture. भारतीय संस्कृति में नारी का एक विषेष धर्म अपने पति के प्रति एकनिश्ठ समर्पण एवं भक्ति का भाव रखना व अन्य पुरूष के प्रति पिता, पुत्र एवं भाई के समान भाव एवं व्यवहार रखना ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार]] [[ श्रेणी:शब्दकोष]] == कायोत्सर्ग : == दैवसिकनियमादिषु, यथोक्तमानेन उक्तकाले। जिनगुणचिन्तनयुक्त:, कायोत्सर्गस्तनुविसर्ग:।। —समणसुत्त : ४३४ दैनिक प्रतिक्रमण के नियमानुसार यथोचित समयावधि (२७ श्वासोच्छ्वास) तक जिनप्रभु के गुणों का चिन्तन करते हुए शरीर की ममता को छोड़ देना कायोत्सर्ग है। देहमति: जाड्यशुद्धि: सुखदु:ख—तितिक्षता अनुप्रेक्षा। ध्यायति च शुभं ध्यानम् एकाग्र: कायोत्सर्गे।। —समणसुत्त : ४८१ कायोत्सर्ग करने…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुंधरा – Vasundharaa Another name of earth , Name of a female divinity of Ruchak mountain. पृथिवी का अपरनाम ,रुचक पर्वत की एक दिक्कुमारी देवी “