मधुकैटभ!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुकैटभ- Madhukaitabha. Name of the 4th Pratinarayan. चतुर्थ प्रतिनारायण का नाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुकैटभ- Madhukaitabha. Name of the 4th Pratinarayan. चतुर्थ प्रतिनारायण का नाम “
चक्रलाभक्रिया An auspicious act of getting precious jewels due to spiritual merits ‘Punya’. गर्भान्वय की एक क्रिया ; पुण्य के प्रताप से नवनिधि व चक्ररत्न की प्राप्ति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मत्सर – Matsara. Jealousy, Envy. ईर्ष्या, ज्ञानावरण व दर्शनावरण का कारण “
गोम्मटेश्र्वर The statue of Lord Bahubali situated at Shravanbelgola. दक्षिणी भारत के श्रवणबेलगोला में चामुंडराय(गोम्मत) द्वारा स्थापित ५७ फुट उत्तुनंग भगवन बाहुबली की प्रतिमा का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिकांचन योग – Manikaanchan Yoga. Mutual glorificatory association. जिस प्रकार मणि युक्त स्वर्ण अंगूठी में मणि से स्वर्ण की शोभा बढ़तीं है एवं स्वर्ण से मणि की शोभा बढ़तीं है उसी प्रकार परस्पर में एक-दूसरे की शोभा के वृधिगंत होने से मणिकांचन योग कहलाता हैं “
गृहीत मिथ्यात्व Wrong conception (acquired by the false speech). दूसरे के द्वारा मिथ्या उपदेश सुनकर जीवादि पदार्थों के विषय में जो मिथ्या श्रद्धान रूप भाव उत्पन्न होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चंद Some, a few, one or two, Name of a summit and its deity. कुछ, थोडा , अपर विदेह मने स्थित देवमाल वक्षार का एक कूट व देव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्य अणुव्रत – Satya Anuvrata. Vow of right & true speech. हित मित प्रिय वचन, सब जीवों को संतोषकारक वचन या धर्म का प्रकाशन करने वाले वचन “
गुप्तिश्रुति” Name of the disciple of Vinayandhara and the teacher of Guptiriddhi. विनयंधर के शिष्य तथा गुप्तिऋद्धि के गुरु .समय -ई.१३ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहारशुद्धि Conceiving of wrong knowledge according to wrong preaching. मन,वचन,काय,द्रव्य,क्षेत्र व काल से आहार का शुद्ध होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]