दया!
दया Compassion, Mercy. अनुकंपा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुभौम – Subhauma. Name of the 8th Chakravarti (emperor). 8वे चक्रवर्ती, जो णमोकार मंत्र का अपमान करने के कारण मरकर 7 वे नरक में गयें ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारंगत – Paramgata. Well versed, expert. निपुण, कुशल. द्वादशांग के पारंगत मुनि को श्रुतकेवली कहते हैं “
फल्गुसेना Name of the last female Jaina follower of Dushmakal. दुषमाकाल की अंतिम श्राविका । इनका नाम पंगुश्री भी उल्लिखित है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लुंका-Lunkaa.: One who started lunkaa philosophy. गुजरात(अणहिल नगर) में कुलुम्बी वंशीय एक महामानी लुंका जिसने लुंकामत (ढूंढिया मत) चलाया “अपरनाम स्थानकवासी एक श्वेताम्बर मत ” समय – वि.सं. 1527 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापभीरुता – Papabhiruta. Fearfulness from sins. पाप से भयभीतपना “
त्यक्तावास Living in deserted place. अचैर्य व्रत की एक भावना, दूसरों के छोडे हुए ऊजड़ स्थान में निवास करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तैजस शरीर नामकर्म प्रकृति A type of Karmic nature causing lustre in body. जिसके उदय से तैजस वर्गणाओं का आकर्षण तैजस शरीर बनने के लिए हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पादानुसारी ऋद्वि : A type of supermatural power causing knowledge of whole scriptures by studying only fraction of it.समस्त श्रुत के अक्षर पदो को जानने वाली बुद्वि रुप ऋद्वि है।
तुलिंग A country of Bharat ksherta in Aryakhand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड का एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]