तप गुरू!
तप गुरू A prime ascetic (guru) having special virtue in austerity. गुण में प्रधान गुरू । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तप गुरू A prime ascetic (guru) having special virtue in austerity. गुण में प्रधान गुरू । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिदोष Three thorns as obstacle in the path of salvation. तीन शल्य, मिथ्या, माया, निदान जो व्रती से नहीं होना चाहिए। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तपकल्याणक वंदना Worshipping prayer of an auspicious event of Tirthankar’s (Jaina-Lord) life. कृतिकर्म सिद्ध- चारित्र- योगि व शांति भक्ति ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीरत्रिक – Sahreeratrika. A triplet related to body. औदारिक, वैक्रियिक, आहारक शरीर “
तत्वार्थसूत्र A great treatise written by Acharya Umasvami. आचार्य उमास्वामी (ई.श.2) कृत मोक्षमार्ग, तत्वार्थ दर्शन विषयक 10 अध्यायों में सूत्रबद्ध ग्रंथ । अपरनाम -मोक्ष शास्त्र। एक बार पाठ करने से उपवास के फल की प्राप्ति करने वाला। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
चन्द्रनंदि An island situated in Lavana ocean. भगवती आराध्नाकार शिवाचार के दादा गुरु(ई. श. १ का प्रारम्भ), कुमारनंदि क् एगुरु (ई. ७१६)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्यतो द्रष्ट – Saamaanyato Drashta. General anticipation or apprehension for something. स्वार्थानुमान के तीन भेदों में एक भेद । जो सामान्य रूप से लिंग को देखकर लिंगी का अनुमान किया जाता है वह सामान्यतो दृष्ट है।