दिशा!
दिशा Direction (east, west etc.), Name of a planet. पूर्व, पश्चिम आदि दिशा, जयोतिष के 88 ग्रहों में 50 वां ग्रह।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिशा Direction (east, west etc.), Name of a planet. पूर्व, पश्चिम आदि दिशा, जयोतिष के 88 ग्रहों में 50 वां ग्रह।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वघाती – Sarvaghaatee. Karmic nature causing destruction of soul’s attributes जिस कर्म के उदय से अनुजीवी गुूणों का पूर्णरूप से घात होता है।
चैतन्य Conscious soul, Rationality, perception. चित्त रूप आत्मा , जीव , ज्ञान , संवेदन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्जकषाय – Sarja Kashaaya. Bitter or pungent passions. सर्ज साल नाम के वृक्ष को कहते है। उसके कषैले रस के समान जीव की कषायरूप् परिणति को सर्जकषाय कहते है।
दारिका Prostitute. वेश्या – जो धन के लिए पुरूष का सेवन करती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्रवृद्ध Abundance in character and austerity. चारित्र- तप आदि की अधिकता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दश स्थान Ten specific places in body to concentrate the mind. शरीर में नेत्र युगल, दोनो कान, नासिका का अग्रभाग, ललाट, मुख, नाभि, मसतक, हृदय, तालु, भौहों का मध्य भाग ये दस स्थान हैं। इन स्थानों में से किसी एक पर चित्त एकाग्र करने से ध्यान की अवस्था प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्रपंडित Noble and learned person having good conduct. सामायिक छेदोपस्थापना आदि पांच प्रकार के चारित्र के धारक मुनि ।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पृहा – Sprhaa. Longing, intention, desire.वांछा, इच्छा, कामना, अभिलाषा।