निर्यापकाचार्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्यापकाचार्य – Niryaapakaachaarya. A preceptor of spiritual leader of other saints. निर्यापक मुनियों को नियत करने वाले आचार्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्यापकाचार्य – Niryaapakaachaarya. A preceptor of spiritual leader of other saints. निर्यापक मुनियों को नियत करने वाले आचार्य “
आसनगृह Place of meditation. भवनवासी देवों के भवनों में योगस्थान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्माणरज – Nirmaanaraja A heavenly deity (Laukantik Deva). एक लौकान्तिक देव “
चतुर्थीविद्या The 4th ethical propounded knowledge (Dandniti). आन्वीक्षिका , त्रयी , वार्ता , दण्डनीति इन ४ विद्यालयों में चौथी दंडनीति विद्या ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहवनीय A sacred fire in which funeral ceremony of Gandhars is performed. अग्नि वह अग्नि जिसमें गणधरों के शरीर का अग्नि संस्कार किया जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्धन – Nirdhana. Pauper, poor, needy. ग़रीब, धनहीन व्यक्ति “
देवपूजा Worshipping of Lord Arihant. श्रावक के षट्आवश्यक कत्र्तव्यों में प्रथम कत्र्तव्य अष्ट द्रव्यों से अरहंत, सिद्ध भगवन्तों की पूजा करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य करण – Bahya Karana. External cause causing certainty for the comple-tion of any work. कार्य सिध्द में साधकतम बाह्य निमित जिसके होने पर कार्य की सिध्द निशिचत होती है “
उत्पन्न स्थान सत्तव Reforming of Karmas by reducing Karmic Sthiti. पूर्व पर्याय में जो उद्वेलना व बिना उद्वेलना से सत्तव हुआ है उसका उत्तर पर्याय में उत्पन्न होना। वहाँ उत्तर पर्याय में उस सत्तव को उत्पन्न स्थान में सत्तव कहा है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरास्रव – Niraasrava. Devoid of attachments, ill-feelings etc. सम्यग्दृष्टि जीव अर्थात् राग, द्वेष और मोह से रहित होना निरास्रव कहलाता है “