दश करण!
दश करण Ten operational Karmic activities. कर्म की 10 अवस्थाएं, बन्ध , उत्कर्षण , संक्रमण, अपकर्षण, उदीरणा, सत्व, उदय, उपशम, निधत्ति और निःकाचना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दश करण Ten operational Karmic activities. कर्म की 10 अवस्थाएं, बन्ध , उत्कर्षण , संक्रमण, अपकर्षण, उदीरणा, सत्व, उदय, उपशम, निधत्ति और निःकाचना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगमालिनी :Name of a female deity of rajat summit situated at Malyavan Gajadant mountain. माल्यवान्गजदन्त स्थित रजत कूट की स्वामिनी देवी “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालुकाप्रभा – Balukaprabha. Name of the 3rd hellish land. तृतीय नरम भूमि, अपरनाम मेघा है यह २८००० योजन मोटी है “
ग्रन्थसम A type of substantive identity of matter. द्रव्यनिक्षेप का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गरिष्ठ रस Fatty foods (reg. edibles). घृत आदि से बने सभी पदार्थ गरिष्ठ रस कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गमनागमन तप An austerity (physical mortification) journey on foot to pilgrimage without stoppage. कायक्लेश-तिर्थादि एक स्थान से दूसरे स्थान जाना और बिना विश्रान्ति के स्वस्थान लौट आना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व समास – Poorva Samaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुतज्ञान का अंतिम 20 वां भेद “
दर्शन गुण Characteristics of the right faith.प्रशम, संवेग, आस्तिक्य, अनुकंपा ये 4 सम्यग्दर्शन के गुण हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गणी (1) Gandhar (chief disciple of Tirthankar). (2) A knower of 11 Angas (parts of super knowledge). (3) Head of Gana or ascetic group. १) गणधर देव , इसी के अन्यावाची अन्य शब्द गणीश , गणेश , गणपति आदि भी हैं. २) ग्यारह अंग का ज्ञाता .३)साधु संघ का प्रमुख ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]