आयोधन!
आयोधन A king of Hari dynasty. हरिवंश का एक राजा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उल्कापात The falling of a meteor . उल्कापिंड का टूट कर गिरना जो अजितनाथ आदि तीर्थंकारों के वैराग्य का कारण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरण स्वर्ग Name of a heaven, its 2nd layer (Patal) & an aboding place. स्वर्ग का पन्द्रहवां कल्प, आरण स्वर्ग का द्वितीय पटल व इन्द्रक विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्लेपन – Nirlepana. State of absolute completation (reg. food, body, senses etc.) आहार, शरीर, इंद्रिय और श्वासोच्छ्वास अपर्याप्तियों की निवृति (धवला पु. 14) “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनि–Muni. The Jain saint–one having Jaineshvari Diksha (Jain–initiation). सामान्य रूप से निर्ग्रन्थ साधुओ को भी मुनि कहा जाता है” चारित्रसार ग्रंथ में ऋषि, मुनि, यति आदि भेदो द्वारा मनःपर्ययज्ञानी व केवलज्ञानी को भी मुनि कहा है”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्वाध्याय : == पूजादिषु निरपेक्ष:, जिनशास्त्रं य: पठति भक्त्या। कर्ममलशोधनार्थं, श्रुतलाभ: सुखकर: तस्य।। —समणसुत्त : ४७६ आदर—सत्कार की अपेक्षा से रहित होकर जो कर्मरूपी मल को धोने के लिए भक्तिपूर्वक जिनशास्त्रों को पढ़ता है, उसका श्रुत—लाभ स्व—पर सुखकारी होता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरुध्द हेतु – Viruddha Hetu. Contrary cause. जो हेतु साधन का खण्डन करे “
आहारक चतुष्क Quartet assimilation pertaining to Aharak Sharir. आहारक शरीर, आहारक अंगोंपांग, बंधन, संघात।[[श्रेणी:शब्दकोष]]