प्रतिपत्तिसमास!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपत्तिसमास – pratipattisamaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुताज्ञान के 20 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपत्तिसमास – pratipattisamaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुताज्ञान के 20 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिक्षण विनाशीभाव – Pratikshana Vinaasheebhaava. Perishing momentarily (reg. Paryay). पर्याय, जो प्रतिक्षण नष्ट होती रहती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्न – हीरा, मोती आदि मणियों, चक्रवर्ती के यहां स्वयंमेव प्रकठ होने वाली उसके भोगोभोग की सामग्री, ये सात सजीव व 7 अजीव कुल 14 वस्तुएं होती है, इन्हें 14 रत्न भी कहा जाता है, रूचक पर्वत पर स्थित एक कूट Ratna- Jewels , 14 particular splendorous (of chakrvarti etc.) Name of a summit…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पसेन – Puspasena. Name of a Digambar Acharya, the preceptor of Vadeebh Singh, Name of a poet. एक दिगम्बर आचार्य (ई. ७२०-७८०) एवं छत्रचूड़ामणि के कर्ता वादीभ सिंह के गुरु, कवि; द्विसंधान, सप्तसंधान काव्य टीका के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यान – नाना प्रकार के भाण्डो से आपूरित होकर भी समुद्र में गमन करने में समर्थ जो जहाज होते है वे यान कहलाते है देवो का एक वाहन। Yana-Ship, Aircraft, A kind of conveyance of deities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पगंधी – Puspagamdhi. Name of the chief female divinity of peripatetic Indra Atikay. महोरग जाति के व्यंतरो के इन्द्र अतिकाय की वल्लभिका देवी “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यशस्विनी–Yashasvini. Name of a female divinity of Ruchak mountain. रुचक पर्वत निवासिनी दिक्कुमारी देवी”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषार्थसिध्दयुपाय – Purusarthasiddhayupaya. A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचन्द्र (ई. ९०५-९५५) द्वारा रचित एक श्रावकाचार एवं अहिंसा की विशेष व्याख्या करने वाला संस्कृत ग्रंथ, यह श्रावक एवं साधुओं द्वारा अवश्य पठनीय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रतिवाक् – सत्यप्रवाद में वर्णित 12 प्रकार की भाशाओं में राग को उत्पन्न करने वाली एक भाशा Rativak-A type of language causing passion and attachment