भूतेश!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतेश – Bhutesha. Name of an Indra (celestial being). भवनवासी देवों के २० इन्द्रों में तीसरा इंद्र “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतेश – Bhutesha. Name of an Indra (celestial being). भवनवासी देवों के २० इन्द्रों में तीसरा इंद्र “
तंत्रवार्तिक टीका Name of a book written by Someshvar Bhatta. मीमांसा दर्शन की कुमारिल भटट द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक शारीर –VaikriyikaSarira Transformable body (of deities, hellish beings & great saints). औदारिक आदि ५ शरीरो में दूसरा शरीर, विर्किया ही जिस शरीर का प्रयोजन है वह वैक्रियिक शरीर कहलाता है वैक्रियिक शरीर उपपाद जन्म से देव, नारकियों को व ॠध्दि से महानुनियो को प्राप्त होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वयज्ञ – Sarvayagya. Name of the 29th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 25 वें गणधर ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयोपसंयत – Vinayopasamyata. Reverential & respectful welcome (of saints rtc.). अन्य संघ से आये हुए मुनियों को आसनदान, प्रियवचन, पुस्तक आदि दान करके आदर करना “
च्युति A falling, Perishing, Transmigration of deities. विमानवासी देवों की गति उत्तम है , इसलिए उनके मरण के किए च्युत शब्द का प्रयोग किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वतंत्र – Sarvatantra. Universally or generally accepted or approved Principles. सिद्धांत के 4 भेदोें में एक भेद; जो अर्थ सब शास्त्रों में अविरूद्धता से माना गया है उसे सर्वतंत्र सिद्धांत कहते है। अर्थात जिस बात को सर्वषास्त्रकार मानते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसरण – Sansarana. Movement, Worldly wandering, birth & death cycle of beings. गमन, संसार में जन्म मरण करने का नाम संसरण है “
चेला-चेली A type of possession; male and female servants. १० प्रकार के परिग्रह में एक भेद; दस-दासी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]