सर्षप फल!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्षप फल – Sarshapa Phala. Mustard seeds, a unit of weighing. सरसों, तोल का एक प्रमाण ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्षप फल – Sarshapa Phala. Mustard seeds, a unit of weighing. सरसों, तोल का एक प्रमाण ।
जम्बूद्दीव संघायणी Name of a book written by Shvetambaracharya Haribhadrasuri. श्र्वेताम्बर आचार्य श्री हरिभद्रसुरि (ई. ४८०-५२८) कृत एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वायुध – Sarvaayudhaa. See- Sarvaatmabhuuta. देखे – सर्वात्मभूत ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरताविरत – Viratavirata. Those who have abandoned five partiaular sains partially (pertaining to partially restrained Jaina followers). देशसंयत या संयतासंयत ” हिंसा आदि ५ पापों का स्थूल रूप से त्याग करने वाले पंचम गुनस्थानवर्ती अनुवर्ती श्रावक “
छेदप्रायश्र्चित A type of repentance. प्रायश्र्चित का एक भेद ; दिवस , पक्ष , महीना आदि की प्रव्रज्या का छेद करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार मंत्र पूजा Name of a worshipping hymn written by Ganini Shri Gyanmati Mataji based on the eulogy of Panchparmeshthi (Arihant, Siddha, Acharya, Upaddhyay & Sadhu). गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी (ई.श.20 उत्तरार्द्ध) द्वारा लिखित पंचपरमेष्ठियों की भक्तिपर आधारित एक पूजा, इसे प्रतिदिन एंव णमोकार वृत में करने की परंपरा है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव द्रव्य पर्याय – Vibhava Dravya Paryaya. Physical existence contrary to real nature. पर द्रव्य के निमित्त से जो प्रदेशत्व गुणों में विकार हो ” जैसे – जीव की नर – नारकादि पर्याय तथा स्कंध रूप पर्याय, पुद्ग्ल द्रव्य की विभाव द्रव्य पर्याय है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विधिसाधक हेतु – Vidhisadhaka. Hetu. Cause proving the existence or reality. जो हेतु किसी बात के अस्तित्व को सिध्द करे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वयश – Sarvayasha. Name of the 25th chief disciple of Lord Rishabhdev भगवान ऋषभदेव के 25 वें गणधर “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य चिह्न – Bahya Cinha. External symbolic significances (reg. laugh,love , peace etc.). वस्तु की पहचान कराने वाले बाहरी चिन्ह जैसे – प्रसत्रचित रहना, धर्म से प्रेम करना, शुभ उपयोग रखना आदि धर्मध्यान के बाह्य चिह्न कहलाते है “