शीतलप्रसाद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीतलप्रसाद – Sheetalaprasaada. Name of a great celibate, the commentator of great treatise, Samaysar. समयसार की भाषा टीका के कर्ता एक आध्यात्मिक विद्वान् (ब्रह्मचारी) ” समय – ई. 1878-1948 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीतलप्रसाद – Sheetalaprasaada. Name of a great celibate, the commentator of great treatise, Samaysar. समयसार की भाषा टीका के कर्ता एक आध्यात्मिक विद्वान् (ब्रह्मचारी) ” समय – ई. 1878-1948 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृत्यगान – Nrityagaana. To worship Lord with singing & dancing. नाच-गान के साथ देव पूजा आदि करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य चिह्न – Bahya Cinha. External symbolic significances (reg. laugh,love , peace etc.). वस्तु की पहचान कराने वाले बाहरी चिन्ह जैसे – प्रसत्रचित रहना, धर्म से प्रेम करना, शुभ उपयोग रखना आदि धर्मध्यान के बाह्य चिह्न कहलाते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नील कूट – Neela Kuta. Name of a summit of Neel mountain. नील कुलाचल के 9 कूटों में दूसरा कूट “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवनिमित्तक – Bhavanimittaka. Maturity of karmas (caused by any life course). A type of a Avadhigvan (clairvoyance). भव का निमित पाकर कर्मों का उदय में आना , भवप्रत्यय अवधिज्ञान भी भवनिमित्तक होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवदत्त – Shivadatta. Name of a great Acharya. भगवान महावीर की आचार्य परम्परा में लोहाचार्य के पश्चात हुए चार आचार्यों में तीसरे आचार्य ” समय- ई. 38-58 “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तामर स्तोत्र – Bhaktamara Stotra. A great spiritual hymn written by Acharya Mantung on Lord Adinath. आचर्य मानतुंग (ई.श. ७ पूर्व) द्वारा संस्क्रत में रचित आदिनाथ भगवान का स्तोत्र ” इसमें ४८ काव्य हैं ” इस स्तोत्र के प्रभाव से उनकी बेड़ियाँ स्वयं टूट गई थीं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन वंदना –Vachan Vandanaa: Expressing reverential greetings by speech. साधुओं का एक कृतिकर्म; पंच परमेष्ठी के गुणों का वचनों के द्वारा महत्व प्रगट करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसही – Nisahee. ‘Nisahi’, a word to be pronounced at the time of entering into the temple etc. मंदिर, चैत्यालय, मठ, वसति आदि में प्रवेश करने के लिए वहां रहने वाले भूत, यक्ष, आदिकों से ‘निसही’’ इस शब्द को बोलते हुए पूछकर प्रवेश करना “