यमदेव!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमदेव–Yamdev. Name of a protecting deity. भद्रशाल वन में स्थित नीलदिग्गजेंद्र, स्वस्तिक व अंजन शैलो का रक्षक देव”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमदेव–Yamdev. Name of a protecting deity. भद्रशाल वन में स्थित नीलदिग्गजेंद्र, स्वस्तिक व अंजन शैलो का रक्षक देव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलकुमारी – Neelkumaari. Name of a female deity of lakes of Devakuru & Uttarkuru. देवकुरु व उत्तरकुरु के 20 द्र्हों की एक देवी का नाम है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्षणपंक्ति व्रत – किसी भी दिन से प्रारम्भ करके एक उपवास एक पारणा क्रम से 204 उपवास करना, एवं णमोकर मंत्र का त्रिकाल जाप्य करना।अपरनाम दिव्य लक्षणपंक्ति है। Laksanapamkti Vrata-A particular type of vow (fasting) observed with proper procedure
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचगोत्र कर्म प्रकृति – Neechagotra karmaprakriti. Karmic nature causing birth in low-caste group. वह कर्म प्रकृति जिसके उदय से गर्हित कुल में जन्म होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्ष्याभक्ष्य – Bhaksyabhaksya. Different types of edible (vegitable) and non- edible (non-vegitable) items. दाल, दूध, दही, फल आदि भक्ष्य अर्थात् खाने योग्य एंव मघ, मांस, मधु, उदुम्बर फल आदि अभक्ष्य अर्थात् ‘नहीं खाने योग्य’ पदार्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मि कूट – रूक्मि पर्वत के 8 कूटों में एक कूट। Rukmi (kuta)-name of a summit of Rukmi Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन गोचरातीत – Vachan Gocharaatita.: That which can not be expressed in words. जिसका वचन के द्वारा कथन न किया जा सके ” जैसे – अरिहंत भगवान के अनंत गुणों का वचनों के द्वारा वर्णन करना अशक्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्परिग्रह – Nishparigraha. Deprived of possession or attachement. संपूर्ण परिग्रह से रहित होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युधिश्ठिर – कुरूवंषी राजा पाण्डु व कुन्ती का ज्येश्ठ पुत्र, षत्रुंजय गिरि से निर्वाण प्राप्त किया। Yudhisthira- a son og king ‘pandu’ related to kuru dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वकुश –Vakush: Jain saints with attachments . चितकबरा ;जैसा सफेद पर काले धब्बे होते हैं वैसे ही मुनिगण जिनके निर्मल आचार (चारित्र ) में शरीर आदि का मोह धब्बे की तरह होता है “