कान में थोड़ी मैल जरूरी है कान मनुष्य के श्रवण यंत्रा वाले भाग को कहा जाता है। यह भाग बहुत ही संवेदनशील एवं नाजुक होता है । इसमें नहाते समय पानी भरने से मैल जमने मवाद निकलने व दर्द होने से दैनिक जीवन एवं क्रियाकलाप दूभर हो जाता है। कान, नाक एवं गले से संबंधित…
किचन टिप्स सख्त नींबू का अगर गरम पानी में कुछ देर के लिए रख दिया जाये तो उसमें से आसानी से अधिक रस निकाला जा सकता है। महीने में एक बार मिक्सर और ग्राइंडर में नमक डाल कर चला दिया जाय तो उसके ब्लेड तेज हो जाते हैं नूडल्स उबालने के बाद अगर उसमें ठंडा…
संज्ञा सुमित्र – पिताजी! आज मैंने मुनि महाराज जी के उपदेश में सुना है कि संसारी जीवों को चार संज्ञारूपी ज्वर चढ़ा हुआ है। सो ये संज्ञायें क्या हैं? पिताजी – बेटा! जिनसे संक्लेशित होकर और जिनके विषय का सेवन करके यह जीव दोनों जन्म में दु:ख उठाता है, उन्हें संज्ञा कहते हैं। ये चार…
भगवान पुष्पदंतनाथ जन्मभूमि काकन्दी जैनधर्म के ९वें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंतनाथ के गर्भ-जन्म-तप एवं केवलज्ञान, इन चार कल्याणकों से पवित्र भूमि कावंâदी तीर्थ है । वर्तमान में यह तीर्थ गोरखपुर (उ.प्र.) के निकट देवरिया जिले में स्थित है, जिसे खुखुन्दू के नाम से भी जाना जाता है । पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की पावन प्रेरणा…
इन्हें भी आजमाइए ब्रेड़ या सब्जी के बहुत बारीक टुकड़े काटने के लिये चाकू का प्रयोग करने से पहले कुनकुने गरम पानी में थोड़ी देर उसे डुबोये रखना चाहिये। स्वेटर बुनने वाली सलाई की घुण्डी (निचला हिस्सा) यदि टूट जाये, तो उस पर रबड़ बैंड की सहायता से रबड़ का एक छोटा सा टुकड़ा फंसा…
आपकी हथेली का मणिबंध बता देता है आप भाग्यशाली हैं या नहीं हाथों की रेखाओं और बनावट से भविष्य जानने की विद्या को हस्तरेखा ज्योतिष कहते हैं। हस्तरेखा विद्या का इतिहास काफी प्राचीन है और आज भी यह ज्योतिष के सबसे प्रामाणिक विद्याओं में से एक है। हथेली की रेखाओं और बनावट का गहनता…