महातीर्थ व्रत (णमो णिसीहियाए व्रत) (श्री गौतमगणधर वाणी के आधार से) प्रस्तुति-गणिनी ज्ञानमती भगवान महावीर के समवसरण में बैठकर प्रथम गणधर देव श्री गौतमस्वामी ने जिन दण्डकसूत्रों को कहा है वे मुनियों-आर्यिकाओं के लिए दैवसिक (रात्रिक) प्रतिक्रमणरूप में और पाक्षिकप्रतिक्रमणरूप में प्रसिद्ध हैं। उनकी टीका करते हुए टीकाकारों ने बहुत ही श्रद्धा भक्ति से इन…
संसार के सभी महापुरुषों द्वारा मांसाहार की निन्दा विश्व इतिहास पर दृष्टि डालने से पता चलता हैं कि संसार के सभी प्रसिद्ध महापुरुष चिन्तक, वैज्ञानिक, कलाकार, कवि, लेखक जैसे पाइथागोरस, चूटार्क प्लौटीनस, सर आईजन न्यूटन, महान चित्रकार लिनाडों डाविसी, डाक्टर एनी बेसेन्ट अलबर्ट आईन्सटाइन, रेवरेण्ड डा. वाल्टर वाल्श व जार्ज बर्नार्ड शा, टॉल्सटॉय, कवि मिल्टन,…
अण्डा : जहर ही जहर लेखक डॉ. नेमीचंद जैन, हीरा भैया प्रकाशन, 65 पत्रकार कालोनी, कनाडिया मार्ग, इन्दौर 452001 कोई भी अण्डा शाकाहारी नहीं होता अण्डे दो प्रकार के होते है एक वे जिनसे बच्चे निकल सकते हैं तथा दूसरे वे जिनसे बच्चे नहीं निकलते । मुर्गी यदि मुर्गे के संसर्ग में न आए तो…
मानव की उन्नति के लिए पशु सृष्टि की उपयोगिता मानव व पशु एक दूसरे पर आश्रित अथवा एक दूसरे के पूरक हैं । मानव यदि एक पशु को पालता है तो वह पशु उसके सारे परिवार को पालता है व उसकी अनेकों सेवाएं करता है । तांगेवाला एक घोड़े के सहारे अपने पूरे परिवार का…
मांसाहार रोगों का जन्मदाता मांसाहार हमारे लिए कितना घातक व असाध्य रोगों को निमंत्रण देने वाला है; इस पर जो निष्कर्ष बड़े बड़े डाक्टरों, वैज्ञानिकों आदि ने निकाले हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं : अहिंसा सन्देश, जून 89, राची स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयार्क, बफैलो में की गई शोध से यह प्रकाश में आया…