मनोदुष्ट!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोदुष्ट- Manodusta. An infraction of the meditative relaxation; unstability of mind. कायोत्सर्ग का एक अतिचार ; मन को चलायमान करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोदुष्ट- Manodusta. An infraction of the meditative relaxation; unstability of mind. कायोत्सर्ग का एक अतिचार ; मन को चलायमान करना “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्वाध्याय : == पूजादिषु निरपेक्ष:, जिनशास्त्रं य: पठति भक्त्या। कर्ममलशोधनार्थं, श्रुतलाभ: सुखकर: तस्य।। —समणसुत्त : ४७६ आदर—सत्कार की अपेक्षा से रहित होकर जो कर्मरूपी मल को धोने के लिए भक्तिपूर्वक जिनशास्त्रों को पढ़ता है, उसका श्रुत—लाभ स्व—पर सुखकारी होता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमान – Vimana. Heavenly space vehicle or palaces of deities, A mark (viman) seen by Lord’s mother in the 13th dream out of 16. देवों के प्रासाद, इनके ३ भेद है – इंद्रक, श्रेणीबध्द, प्रकीर्णक विमान ” आकाशगामी वाहन-इनका उपयोग देव और विधाधर करते है ” तीर्थकर के गर्भावतरण के समय द्वारा…
आहारक चतुष्क Quartet assimilation pertaining to Aharak Sharir. आहारक शरीर, आहारक अंगोंपांग, बंधन, संघात।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्धूतमोह – Nirdhootamoha. Destroyer of delusion. mohmommoमोह को जिन्होंने नष्ट कर दिया है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूलाचार प्रदीप–Mulachar Pradeep. Name of a book written by Acharya Sakalkirti. आचार्यसकलकीर्ति (ई. 1424) कृत मुनियों के चारित्र सम्भंदी एक ग्रंथ”
देवदारू Tree-Cedar, the initiation tree of Lord Parshvanath. पाश्र्वनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य पारिषद – Bahaya Parisada. A type of deities in the council of Indris’. देवो का एक प्रकार; जो अत्यंत स्थूल, निष्ठुर, क्रोधी और शस्त्रों से सहित रहते हैं ” वे इंद्र कि सभा में अयोग्य लोगो को ‘दूर हटो ‘ इस तरह बोलकर अपना दायित्व निभाते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकुब्जा – Prakubja. Name of the chief Aryika in the assembly of Lord Ajitanath. अजितनाथ भगवान के समवसरण की प्रधान आर्यिका अर्थात् गणिनी का नाम “