सर्वसंक्रमण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसंक्रमण – Sarvasankramana. All Karmic transition. अंत की फाली में शेष बचे सर्व प्रदेषो का अन्य प्रकृति रूप होना सर्वसंक्रमण है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसंक्रमण – Sarvasankramana. All Karmic transition. अंत की फाली में शेष बचे सर्व प्रदेषो का अन्य प्रकृति रूप होना सर्वसंक्रमण है।
उपचारछल Formal deceitful behaviour, Metaphoric presen-tation. उपचार अर्थ में मुख्य अर्थ का निषेध करके वक्ता के वचनों का निषेध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छेद An infraction of vow of non-violence (piercing the organs of animals), Karmic destruction, Hole, Opening . अहिन्साणुव्रत का एक अतिचार ; पशुओं के कान , नाक आदि अवयवों का भेदना , कर्मों का क्षय , सुराख ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वभद्र – Sarvabhadra. A noble one. A type of peripatetic deities. सुशील यक्ष जाति के व्यंतरों के 12 भेदों में एक भेद ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वघाती – Sarvaghaatee. Karmic nature causing destruction of soul’s attributes जिस कर्म के उदय से अनुजीवी गुूणों का पूर्णरूप से घात होता है।
चैतन्य Conscious soul, Rationality, perception. चित्त रूप आत्मा , जीव , ज्ञान , संवेदन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्जकषाय – Sarja Kashaaya. Bitter or pungent passions. सर्ज साल नाम के वृक्ष को कहते है। उसके कषैले रस के समान जीव की कषायरूप् परिणति को सर्जकषाय कहते है।
चारित्रवृद्ध Abundance in character and austerity. चारित्र- तप आदि की अधिकता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारित्रपंडित Noble and learned person having good conduct. सामायिक छेदोपस्थापना आदि पांच प्रकार के चारित्र के धारक मुनि ।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]