शाप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शाप – Shaapa. Curse. क्रोधवश किसी के लिए अनिष्ट वचन कहकर दुराशीष देना ” जैन साधु किसी को शाप नहीं देते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शाप – Shaapa. Curse. क्रोधवश किसी के लिए अनिष्ट वचन कहकर दुराशीष देना ” जैन साधु किसी को शाप नहीं देते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय नय – Nishchaya Naya. Absolute standpoint. जो नय वस्तु के असली स्वभाव या अभेद रूप को ग्रहण करता है “
उद्भाव Origination, Production, Appearance. उत्पत्ति सन्तति उत्पादन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक मंगल –Laukika Mangal All auspicious significant articles-filled pitcher,white mustard,mirror etc. श्वेत सरसों ,भरा हुआ कलश ,वन्दनमाला ,क्षत्र ,दर्पण आदि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावाभिनन्दी – Bhavabhinadi. The welcomer of the worldly existence. सांसारिक अस्तित्व का अभिनन्दन करने वाला “
आवृत्तकरण Obscuration (related to Karmic theory). अन्य प्रकृति रूप करके कर्म का नाश करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == साहसी : == जाव य ण देन्ति हिययं पुरिसा कज्जाइं ताव विहणंति। अह दिण्णं तिय हिययं गुरुं पि कज्जं परिसमत्तं।। —कुवलयमाला जब तक साहसी पुरुष कार्यों की तरफ अपना ध्यान नहीं देते, तभी तक कार्य पूरे नहीं होते हैं। किन्तु उनके द्वारा कार्यों के प्रति हृदय लगाने से…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय अनशन – Nishchaya Anasana. Absolute fasting with conquering the worldly desires. मुनि अवस्था में विषय सुख की अपेक्षा न करते हुए अर्थात् मन व इंद्रियों को जीतते हुए आत्मसुख में ही निवास करना”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == गुणी : == लच्छीए विणा रयणायरस्स गम्भीरिमा तहज्जेव। सा लच्छी तस्स विणा कस्स न गेहे परिब्भई।। —गाहारयणकोष : ४५ लक्ष्मी के बिना भी रत्नाकर की गंभीरता तो वैसी ही बनी हुई है, किन्तु सागर को छोड़कर चली गई लक्ष्मी को कहाँ—कहाँ नहीं भटकना पड़ता ? ठाणेसु गुणा पथड़ा ठाणाणि,…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शलाका पुरुष – Shalaakaa Purush. Particular 63 great personages like Tirthankar (Jaina-Lord), Chakarvarti (emperor) etc. in Jaina realm. तीर्थंकर, चक्रवर्ती आदि प्रसिद्द पुरुषों को शलाका पुरुष कहते है ” प्रत्येक कल्पकाल में ये 63 होते हैं ” 24 तीर्थंकर, 12 चक्रवर्ती, 9 नारायण, 9 प्रतिनारायण, 9 बलभद्र “