णायकुमारचरिउ!
णायकुमारचरिउ Name of a book. नागकुमार चारित्र विषयक एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
णायकुमारचरिउ Name of a book. नागकुमार चारित्र विषयक एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य आरोप To characterise a matter into anothers. एक द्रव्य में दूसरे को आरोपित या उपलक्षित करना, जैसे दर्पण में प्रतिबिम्ब को देखकर ‘यह दर्पण की पर्याय है’ ऐसा कहना ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य निर्वृत्तपर्याप्त Lowest period of life of living beings. जघन्य आयुबंध की जघन्य पर्याप्त निवृत्ति संज्ञा है अर्थात् भव के प्रथम समय से जघन्य आयुब्गंध के अंतिम समय तक जघन्य निवृत्ति होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ठ The twelfth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का बारहवाँ व्यंजन अक्षर, इसका उच्चारण स्थान मूर्घा है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्युतिश्रुति Name of an Agradevi of Sun. सूर्य की एक अग्रदेवी का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जम्बूद्दीवपण्णत्ति Name of a book written by Acharya Padmanandi. आचार्य पद्मनंदि नं .४ (ई. ९७७-१०४३) द्वारा रचित ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्षप फल – Sarshapa Phala. Mustard seeds, a unit of weighing. सरसों, तोल का एक प्रमाण ।
दैव Accumulation of results of good and bad deeds of past life. भाग्य- प्राणी ने पूर्व भव में जिस पाप या पुण्य कर्म का संचय किया है वह दैव कहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जम्बूद्दीव संघायणी Name of a book written by Shvetambaracharya Haribhadrasuri. श्र्वेताम्बर आचार्य श्री हरिभद्रसुरि (ई. ४८०-५२८) कृत एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वायुध – Sarvaayudhaa. See- Sarvaatmabhuuta. देखे – सर्वात्मभूत ।