आयुक्तकरण!
आयुक्तकरण Inclinalion towards destruction of hermaphrodite libido (Neutralizalion). नपुंसक वेद की क्षपणा या उपशामना के लिए उद्यत होकर प्रवृत होना- उद्यतकरण है, आरम्भकरण व आयुक्तकरण एकार्थक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आयुक्तकरण Inclinalion towards destruction of hermaphrodite libido (Neutralizalion). नपुंसक वेद की क्षपणा या उपशामना के लिए उद्यत होकर प्रवृत होना- उद्यतकरण है, आरम्भकरण व आयुक्तकरण एकार्थक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारित्रमोह उपक्षमक One who subsides the delusion related to conduct. चारित्र मोह का उपशाम करने वाला साधक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम स्वर- Madhyama swara. The middle vocal tone. स्वर जो ह्र्दय देश में स्थित होता है ” गायन सम्बन्धी त्रिविध लयों में दूसरी लय “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्त जीव–Mukta jeev. Liberated soul. मोक्ष को प्राप्त जीव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समन्वय – Samanvaya. Mutual relations. पारस्परिक सम्बन्ध। भिन्न-भिन्न विषयों के अनेको विकल्पों का परस्पर समन्वयं।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामकथा – आचार्य कीर्तिधर द्वारा विरचित जैन रामायण।इसके आधार पर रविशेणाचार्य ने पùपुराण व स्वंयभु कवि ने पउमचरिउ लिखे है। Ramakatha-A religious book (Jaina Ramayan) written by Acharya Kirtidhar
चमरेन्द्र Name of an Indra. भवनवासी के असुरकुमार जाति के देवों का प्रथम इंद्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्य – Madhya. Name of a protecting deity of south & north Varunivar ocean, A country of Bharat Kshetra Aryakhand (region). दक्षिण व उत्तर वारूणीवर समुद्र का रक्षक देव , भरत क्षेत्र आर्यखंड का एक देश “
फलाकांक्षा Desire for getting worldly results. अनशन आदि में इहलौकिक फल की इच्छा रखाना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]