जयकुमार!
जयकुमार The son of king Somprabh, who was the army-chief of Bharat Chakravarti, Name of a chief disciple of Lord Adinath. कुरुवंशी राजा सोमप्रभ का पुत्र , भरत चक्रवर्ती का सेनापति , आदिनाथ भगवान का ७१वाँ गणधर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयकुमार The son of king Somprabh, who was the army-chief of Bharat Chakravarti, Name of a chief disciple of Lord Adinath. कुरुवंशी राजा सोमप्रभ का पुत्र , भरत चक्रवर्ती का सेनापति , आदिनाथ भगवान का ७१वाँ गणधर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वकाल निर्जरा – Srakaala Nirjaraa. Destruction of Karmas on their maturation.निर्जरा के दो भेदो मे एक भेद, सविपाक निर्जरा जो स्वकाल पक्च होकर चारो गति वाले जीवो की होती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद् नास्ति – Syaad Naasti. The 2nd Bhang of Saptbhangi-exposition of nature of the substance in the aspect of negation.सप्तभंगी का दूसरा भंग-द्रव्य परचतुष्टय (द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव) की अपेक्षा से कथंचित् नास्ति रुप है।
उपचार Conventional usage (reg. unreal interpretation of matters). अन्य वरूतु के धर्म को प्रयोजनवश अन्य वस्तु में आरोपित करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य स्पर्धक Group of lowest Varganas (aggregate of Karmic molecules). जघन्य वर्गणाओं का समूह जघन्य स्पर्द्धक है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यात्कार – Syaatkaara. Words having different meanings.अनेकान्तार्थक वाचक शब्द।
जन्मकल्याणक-वंदना A reverential devotional act with prayer. कृतिकर्म ; सिद्ध भक्ति , चारित्र भक्ति व शान्ति भक्ति पढ़कर वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहज दुःख – Sahaja Dukha. Natural trouble or pain. स्वाभाविक क्षुदाधि से उत्पन्न होने वाला दुःख ।
जघन्य अनुभाग A division of Anubhag Bandhi; the lowest (minimum) power (energy of karmas) of matter (related to wrong faithed one). अनुभाग बंध के १४ भेदों में एक भेद ; सातवें नरक में प्रथामोपशम सम्यक्त्व के सम्मुक हुआ मिथ्यादृष्टि जीव मिथ्यात्व गुणस्थान के अंत समय में जघन्य नीच गोत्र का अनुभाग बंध करता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]