रूपपरावर्तन विघा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपपरावर्तन विघा – रूप परिवर्तन करने में समर्थ विद्या। Rupaparavartana Vidya-A type of supernatural power of changing body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपपरावर्तन विघा – रूप परिवर्तन करने में समर्थ विद्या। Rupaparavartana Vidya-A type of supernatural power of changing body
दयार्द्र Compassionate; tender hearted. दूसरे की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पावागढ़ (तीर्थ) – Pavagarha (Tirtha). Name of a Digambar Jain place of pilgrimage in Gujarat, from where sons of Lord Ram ‘Lav & Kush’ got salvation. गुजरात में स्थित एक सिध्दक्षेत्र. यहाँ से भगवान रामचन्द्र के दो पुत्रों-अनंगलवण (लव) और मदनांकुश (कुश) ने घोर तप कर मोक्ष प्राप्त किया “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षाणु – रूक्ष गुण वाला अणु। इसका दो अधिक गुण वाले विपरीत अणुओं के साथ बंध होता है। Ruksanu-Particles with having property of roughness
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गणा – Varganaa.: An aggregate of same molecules of some matter. वर्गों के समूह को वर्गाणा कहते हैं अथवा समान गुण वाके परमाणु पिंड को वर्गाणा कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ स्त्रोत – Parsvanatha Stotra. A philosophical hymn written by the poet Padmaprabh. कवि पद्मप्रभ (ई. श. १२ का मध्यपाद) द्वारा रचित एक स्तोत्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकलेन्द्रिय – Sakalendriya. All five sensed beings. पंचेन्द्रिय जीव सकलेन्द्रिय कहलाता है अर्थात् जिसके पांचो इन्द्रिय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वयोवृद्ध – Vyovraddha: Old persons,Aged or senior. उम्र में बड़े ; वृद्ध लोगों की संगति सेवा से अनुभव चारित्र आदि में वृद्धि होती है, मन निर्लेप होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भय संज्ञा – Bhaya Samjna. Fear instinct. ४ संज्ञाओं में एक संज्ञा; जिससे बचने की व छिपने की इच्छा होती हैं “
दीर्घदर्शी One foresighted, discerning or learned. दूरदर्शी दूर तक की बात सोचने वाला।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]