ईसवी संवत्!
ईसवी संवत् The Christian era. यह ईसामसीह के स्वर्गवास के बाद यूरोंप में प्रचलित हुआ, इसकी स्थापना वीर निर्माण के 527 वर्ष और विक्रम संवत् से 57 वर्श पश्चात् हुई है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ईसवी संवत् The Christian era. यह ईसामसीह के स्वर्गवास के बाद यूरोंप में प्रचलित हुआ, इसकी स्थापना वीर निर्माण के 527 वर्ष और विक्रम संवत् से 57 वर्श पश्चात् हुई है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गद्यचिंतामणि A book written by Acharya Vadeebh singh. आचार्य वादीभसिंह ओइय देव (ई. ७७०-८६०) द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आराम Hermitage. साधुओं के लिए रहने योग्य विविक्त (एकांत) स्थान का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध निश्चयनय – Shuddha Nishchayanaya. A viewpoint believing the pure soul . शुद्ध आत्मा द्रव्य को ग्रहण करने वाला नय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग सम्यग्दृष्टि –VitaragaSamyagdrsti. One having right spiritual knowledge. निश्चय सम्यग्दृष्टि, जो वीतराग सम्यग्दर्शन से सहित होते है “
गरूड़व्यूह A kind of strategy (reg. army). एक विशिष्ट सैन्य-व्यूह, ऐसी रचना चक्रव्यूह को भंग करने के लिए की जाती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्ववत् अनुमान – Poorvavat Anumaana. Predetermination of any result according to the previous experience, the senseful inference. स्वार्थानुमान के तीन भेदों में से एक भेद; जिसने अग्नि से निकलते धूम को पहले देखा है , उस व्यक्ति के द्वारा पुनः धूम को देखकर यहाँ अग्नि है ऐसा अनुमान कर लेना पूर्ववत् अनुमान है “
गंगादास Disciple of Dharmachandra Bhattarak. धर्मचंद्र भट्टारक के शिष्य ई.सन् १६९०-१६९३ सम्मेद विलास ,सम्मेदशिखर पूजा, श्रुतस्कंध पूजा आदि के कर्ता । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व – Poorva. A particular time unit, 14 particular parts of scriptual knowledge (Shrutgyan). (1) काल का एक प्रमाण विशेष; 84 लाख पूर्वाङ् प्रमाण काल , (2) श्रुतज्ञान का एक भेद – जिसमें उत्पाद, व्यय, ध्रोव्य आदि की प्ररूपणा की जाती है उसे पूर्व कहते हैं” इसके 14 भेद “
खरभाग A part of the Ratnaprabha earth of hell. नरक की प्रथम पृथ्वी रत्नप्रभा के तीन भागों में प्रथम भाग .यह १६ हजार योजन मोटा एवं भवनवासी देवों का निवासस्थान है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]