देवदत्ता!
देवदत्ता A reverential palanquin (pertaining to Lord Vimalnath). एक पालकी तीर्थंकर विमलनाथ इसी पर आरूढ़ होकर दीक्षा लेने हेतु सहेतुक वन गये थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवदत्ता A reverential palanquin (pertaining to Lord Vimalnath). एक पालकी तीर्थंकर विमलनाथ इसी पर आरूढ़ होकर दीक्षा लेने हेतु सहेतुक वन गये थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीर्ष प्रकंपित – Sheersha Prakampita. A type of time unit. काल का एक प्रमाण; शीर्षप्रहेलिकांग, एकार्थवाची हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृपतुंग – Nripatunga. Another name of the king Amoghvarsh. राजा अमोघवर्ष का अपरनाम “
चक्षुदर्शन Visionary conation, ocular perception. चक्षु इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का ज्ञान होने से पूर्व जियो सामान्य प्रतिभास होता है वह चक्षुदर्शन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमदेव–Yamdev. Name of a protecting deity. भद्रशाल वन में स्थित नीलदिग्गजेंद्र, स्वस्तिक व अंजन शैलो का रक्षक देव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलकुमारी – Neelkumaari. Name of a female deity of lakes of Devakuru & Uttarkuru. देवकुरु व उत्तरकुरु के 20 द्र्हों की एक देवी का नाम है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचगोत्र कर्म प्रकृति – Neechagotra karmaprakriti. Karmic nature causing birth in low-caste group. वह कर्म प्रकृति जिसके उदय से गर्हित कुल में जन्म होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्ष्याभक्ष्य – Bhaksyabhaksya. Different types of edible (vegitable) and non- edible (non-vegitable) items. दाल, दूध, दही, फल आदि भक्ष्य अर्थात् खाने योग्य एंव मघ, मांस, मधु, उदुम्बर फल आदि अभक्ष्य अर्थात् ‘नहीं खाने योग्य’ पदार्थ “
त्रैविद्यदेव Title for some Acharyas in Nandi sangh (group) etc. कतिपय आचार्यों की उपाधि जैसे नन्दि संघ के देशीयगण की गुर्वावली के अनुसार पाँच आचार्यों की उपाधि, कातंत्र रूपमाला व्याकरण के भावसेन – त्रैविद्य टीकाकार आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]