दुर्नय!
दुर्नय False standpoint or viewpoint. एक- दूसरे की अपेक्षा न करके एकांत से किसी विषय का प्रतिपादन करने वाला नय जैसे- जीव नित्य ही है। इसे मिथ्यानय भी कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुर्नय False standpoint or viewpoint. एक- दूसरे की अपेक्षा न करके एकांत से किसी विषय का प्रतिपादन करने वाला नय जैसे- जीव नित्य ही है। इसे मिथ्यानय भी कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्ग्रंथ – Nirgrantha. Unattached & possessionless saint, who is just going to be omniscient. निर्ग्रंथ साधु का एक भेद; वे साधु जिनके मोह का नाश हो गया है एवं अन्तर्मुहूर्त के बाद ही केवलज्ञान होने वाला है (बारहवें गुणस्थानवर्ती) “
दुःख निरोध Cessation of sorrow. दुःख का अभाव अथवा दुःख को रोक देना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरालंब ध्यान – Niraalamba Dhyaana. Supreme meditation. आलम्बन रहित शुक्ल ध्यान, जहाँ पर ध्यान, ध्येय एवं ध्याता का कोई विकल्प नहीं होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोगवाद – Sanyogavaada. A doctrine believing the accomplishment of everything by alliance of matters. वस्तुओं के संयोग से ही सर्वकार्य की सिद्धि मानने वाला एकांत मत “
दिग्वसतिका Name of a dominion (Sabhabhumi) of Bharat Chakravarti. भरत चक्रवर्ती की 5 वीं विभूति ‘सभाभूमि ’ का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकाग्र –Lokaagra: The supreme place of salvation (Siddha shila) . मोक्ष ,सिद्धालय या लोक का शिखर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरंश – Niransha. Non – divisible particles. अवयव रहित: अखंड परमाणु, द्रव्यार्थिक नय से परमाणु में निरंशपना होता है “