धान्यमाष फल!
धान्यमाष फल A weighing unit. तौल का एक प्रमाण विशेष । 16 श्वेत सर्षप फल 1 धान्यमाष फल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धान्यमाष फल A weighing unit. तौल का एक प्रमाण विशेष । 16 श्वेत सर्षप फल 1 धान्यमाष फल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिदानंद Supernatural enjoyment, bliss. एटीएम अनुभव या आत्मा का आनंद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मेदशिखर – Sammedashikhara. The eternal & great reverential place of pilgrimage of Jains, which is the salvation place of 20 Tirthnkars (Jaina Lords) of the present era. शाश्रत तीर्थराज; अनादिकाल से अनंत तीर्थकरो की निर्वाणभूमि एंव वर्तमान चैबीसी मे भगवान आदिनाथ, वासुपूज्य, नेमिनाथ और महावीर को छोड़कर शेष बीस तीर्थकरो की निर्वाणभूमि। इस महान…
धर्मोपदेश Religious sermon. स्वाध्याय तप का एक भेद; धर्म का उपदेश देना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
छंदन Observance according to the will of spiritual teacher-’Acharya’. ग्रहण किए हुए पुस्तक आदि उपकरणों में , विनय के काल में , वंदना- सूत्र के अर्थ को पूछना इत्यादिक में आचार्य आदि की इच्छा के अनुकूल वर्तना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुदघात – Samudghaata. Extrication of soul-points from the body without leaving the body, there are 7 kinds of it. वेदना आदि के निमित्त से मूल शरीर को नही छोड़ते हुए जो जीव के कुछ आत्मप्रदेष शरीर से बाहर निकलते है उसे समुद्धात कहते है। इसके 7 भेद है- वेदना, मारणान्तिक, वैक्रियिक, तैजस, आहारक और…
धर्मसूरि A disciple of Acharya Mahendrasuri. आचार्य महेन्द्रसूरि के शिष्य (ई. 1209) एवं जम्बूस्वामी सरना के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीष्म पितामह – Bhishma Pitamaha. A great warrior of Mahabharat. धृतराज के भाई, महाभारत के प्रमुख पात्र, अपरनाम- गांगेय “
धर्ममूढ़ता Religious ignorance, silliness. लोकमूढ़ता ; धर्मलाभ मानकर नदी-समुद्र आदि में स्नान करना,बालु, पत्थर आदि का ढेर लगाना, पर्वत से गिरना, अग्नि में जलना आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्प्रकाश Spiritual consciousness. सवसंवेदन, अंतर्मुखचित्प्रकाश दर्शन है एवं बहिर्मुख चित्प्रकाश ज्ञान है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]