द्विचरमकाल!
द्विचरमकाल The time less than one Samay than the ultimate time. अंतिम समय से एक समय पूर्व का काल द्विचरमकाल कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्विचरमकाल The time less than one Samay than the ultimate time. अंतिम समय से एक समय पूर्व का काल द्विचरमकाल कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चैत्यद्रुम A type of divinely trees having idols of Lord Arihant in Samavasaran. चैत्यवृक्ष , जो समवशरण एवं देवों के भवन के अकृत्रिम मंदिरों में होते हैं , इनके मूलभाग में जिनप्रतिमाएं विराजमान रहती हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थानांग – Sthaanaamga. A part of scriptural knowledge (Dvadshang shrut).द्वादषंग श्रुत स्कंध का तीसरा अंग। इसमे 42000 पदो मे जीव के 10 स्थानो का वर्णन है।
द्वयर्धगुणहानि A type of decreasing series. गुणहानि आयाम को ड्योढ़ा (द्वयर्ध) करने पर जो प्रमाण प्राप्त हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चरमशरीरी Beings to be salvated in the same birth. मोक्षगामी जीव; उसी भव से मोक्ष जाने वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्त्वाचरण – Samyaktvaacharana. Right faith with auspicious activities. सच्चे देव, शास्त्र व गुरु की पूजा भक्ति आदि करना। सम्यकत्व के साथ पुण्यमयी आचरण को चारित्रपाहड़ मे सम्यक्त्वाचरण के नाम से कहा है। इसको देशमय रुप चारित्र नही समझना चाहिए।
चित्रमती Mother’s name of the 8th Chakravarti (emperor) ‘Subhaum’. ८वें चक्रवर्ती ‘ सुभौम’ की माता का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चैत्यवासी A particular stream of Shvetambar saints. श्र्वेताम्बर साधु परम्परा के एक गच्छ का नाम ।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्यानगृद्वि – Styanagraddhi. To commit abnormal activity in the state of somnambulism (walking habit in the sleeping state).5 निद्रांओ मे एक निन्द्रा, स्वप्न मे उठकर व्यक्ति कोई भयानक असाधारण कार्य करके पुनः सो जाये।