भव्यज्ञायक शरीर!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यज्ञायक शरीर – Bhavyagnayaka Sarira. One who is going to be learned one in future. नो आगम द्रव्य का एक भेद; जो कर्म के स्वरूप को कहने वाले शास्त्र का जानने वाला आगे होगा वह भव्यज्ञायक शरीर कहलाता हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यज्ञायक शरीर – Bhavyagnayaka Sarira. One who is going to be learned one in future. नो आगम द्रव्य का एक भेद; जो कर्म के स्वरूप को कहने वाले शास्त्र का जानने वाला आगे होगा वह भव्यज्ञायक शरीर कहलाता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राथमिक- प्रारम्भिक, जो पहले उत्पन्न हुआ है। Prathamika- Elementary, primary
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैद्यसार –Vaidyasara Name of an Ayurvedic book written by AcharyaPujyapad. आचर्य पूज्यपाद (ई. श. ५) कृत आयुर्वेद विषयक एक संस्कृत ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणरक्षा – अहिंसा; जीवों के प्राणों की रक्षा करना। Pranaraksha- Life saving activities, non-violence
देवपूजक A worshipper of Lord Arihant. जिनेन्द्र देव की पूजा करने वाला।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहु आरम्भ- नरक आयु के आस्त्रव का कारण; मर्यादा से अिधक अन्यायपूर्वक व्यापारादि करना। Bahu Arambha- Unlimited household activities
उद्योत नामकर्म प्रकृति A karmic nature causing effulgence (lustrous) body. जिसके निमित्त से शरीर में उद्योत होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाल बाल मरण- मिथ्यादृष्टि अज्ञानी जीव का मरण। Bala Bala Marana- Death of a wrong believer one
थानक पंथी / थानकवासी A shvetambar Jain sect. श्वेताम्बर जैन पंथ, ये प्रतिमा को नहीं पूजते हैं, साधु वस्त्र एंव मुह पर पट्टी रखते हैं । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]