इंद्रिय प्राण!
इंद्रिय प्राण Strength of senses, Vitalities. जिनके द्वारा आत्मा जीवन संज्ञा को प्राप्त होती है, उन्हें प्राण कहते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रिय प्राण Strength of senses, Vitalities. जिनके द्वारा आत्मा जीवन संज्ञा को प्राप्त होती है, उन्हें प्राण कहते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोभद्र – श्रुतकेवली भद्रबाहु द्वि के गुरू जो आचारांग के गुरू थे। समय ई पू 53 – 35 Yoshobhadra and another name of Acharya Bhadrabahu (II)
इंद्रावतार ncarnation of Indra as a Tirthankar (in the womb of mother). गर्भान्वयादि क्रियाओं में एक इन्द्र द्वारा सिद्ध भगवान को नमस्कार कर 16 स्वप्नों द्वारा माता को अपने अवतार की सूचना देना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्तमीमांसा वचनिका Name of a treatise. जयचंद्र छाबड़ा कृत एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोधर – भूतकालीत 19 वें तीर्थकर, मध्यम ग्रैवेयक का एक इन्द्रक विमान, मानुशोत्तर पर्वत के सौगन्धिक कूट का एक देव, एक राजा जिन्होने आटे के मुर्गे की बलि करके कई भवों तक दुर्गति के दुख उठाये। देखें – यषोधर चरित, आटे का मुर्गा आदि पुस्तकें। Yasodhara-Name of the 19th Tirthankar (Jaina-Lord) in the past…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रि – रात – सूर्यास्त से लेकर सूर्यांेदय तक का समय। Ratri-Night time(hours)
इंद्र(नाम) Son of the king Sahasrar. राजा सहस्रार का पुत्र माली को मारकर इन्द्र के सदृश राज्य किया आगे रावण से युद्ध में हारकर दीक्षा ले निर्वाण प्राप्त किया।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहितास्या नदी – 14 महानदियों में चैथी नदी,, ये हिमवान पर्वत के सरोवर से निकलकर हैमवत क्षेत्र में बहकर पष्चिम समुद्र में गयी है। Rohitasya nadi-Name of the fourth great river among 14