निर्गमन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्गमन – Nirgamana. To go out चले जाना, किसी गति से निकलकर किसी अन्य गति व गुणस्थान आदि में जन्म लेना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्गमन – Nirgamana. To go out चले जाना, किसी गति से निकलकर किसी अन्य गति व गुणस्थान आदि में जन्म लेना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी व्रत – श्रीकृश्ण की पटरानी रूकमणी ने लक्ष्मीमती के भवन मे जो व्रत लिया था।भादों सुदी 8, 10, 12, 14 को उपवास 7, 9, 11, 13, 15 को चारणा इस तरह 8 वर्श तक करना।व्रत विधान संग्रह से उद्धृत । Rukmini Vrata-A specified procedural fasting
उत्पला Name of a Vapi (like large lakes) of Nandan forest of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत के नंदन वन की तीसरी वापी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरायुध – Niraayudha. Weaponlessness-absolute freeness from all types of worldly passions ( a characteristic of Jina-Lord idol). आयुध से रहितता-जिन प्रतिमाओं का एक लक्षण जो भय, हिंसा, कषाय आदि के अभाव का सूचक है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोग द्रव्य – Sanyoga Dravya. Compound form a matter (a combination of two different matters). अलग – अलग सत्ता रखने वाले द्रव्यों के मेल से जो पैदा हो जाये उसे संयोग द्रव्य कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरवद्यक्रिया – Niravadyakriyaa. Sinless, faultless activities (i.e. pure). पाप रहित क्रिया “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकांतिक –Lokaantik See – Lokaantika Dev. देखें – लोकान्तिक देव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरंतर सिद्ध – Nirantara Siddha. Continually salvating beings. अंतर की अपेक्षा निरंतर सिद्ध होने वाले जीव,8 समय अंतर एवं सात से दो समय अंतर से सिद्ध होने वाले जीव “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भरतेशवैभव – Bharatesavaibhava. Name of a book written by a poet Ratnakar. कवि रत्नाकर (ई.१५५१) कृत एक ग्रंथ “